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सीएम धामी ने गिनाए वीबी जी राम जी अधिनियम के लाभ, बोले – ग्रामीण इकाइयों को मजबूत करना है नयी योजना का उद्देश्य

देहरादून। मुख्य रूप से सीएम धामी भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वीबी जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) विषय पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वीबी जी राम जी ये अधिनियम जो बना है, वो सिर्फ मनरेगा का नाम सिर्फ बदलना ही नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और ग्रामीण इकाइयों को मजबूत करना है। साल 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को विकसित ग्रामीण के साथ पूरा करना है। इस अधिनियम में तमाम प्रावधान किए गए हैं। जिसके तहत वेतन भुगतान साप्ताहिक होगी और देरी होने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा।
सीएम धामी ने कहा कि किसानों के लिहाज से ये बिल काफी महत्वपूर्ण है। गांव की प्राथमिकताओं के आधार पर धनराशि जारी की जाएगी। 50 फीसदी काम ग्राम सभा के स्तर पर किए जाएंगे। तमाम श्रेणियों के तहत काम किए जायेंगे, जिससे ग्राम सभा के लोग भी मजबूत होंगे। इस बिल में महिलाओं के लिए तमाम प्रावधान किए गए हैं। भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। नई तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया है।
इस अधिनियम के तहत हिमालयी राज्यों में 90 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार और 10 फीसदी राज्य सरकार वित्तीय सहयोग देगी। जिससे राज्य पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। साथ ही ग्रामीण विकास की दिशा में बेहतर काम होगा। जब भी प्रधानमंत्री कोई भी बेहतर योजना लेकर के आते हैं, तो विपक्ष इसका विरोध करता है। पहले मनरेगा के समय में 50 दिन का काम मिलता था और तमाम जगहों पर अलग-अलग अनियमिताएं पाई गई। जबकि अब इस अधिनियम के तहत लोगों को अधिक दिन काम मिलेगा पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी।
जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास और संरचना उत्तराखंड राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में यह अधिनियम उत्तराखंड की ग्रामीण क्षेत्रों को और अधिक सशक्त बनाएगा। वीबी जी राम जी से गरीबों को रोजगार मिलेगा गांव का विकास होगा और विकसित भारत 2047 के लिए मजबूत नींव साबित होगी। क्योंकि इससे ग्राम सभाएं मजबूत होंगी। इस अधिनियम में 1 लाख 51 हज़ार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जबकि पहले 88,000 करोड़ रुपए का ही बजट था।

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