संयुक्त किसान मोर्चा ने किया राजभवन कूच, केंद्र सरकार पर लगाया वायदाखिलाफी करने का आरोप
देहरादून। संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर आज सैकड़ों किसानों, मजदूरों, महिलाओं ने आज गांधी पार्क से राजभवन के लिए कूच किया। राजपुर रोड पर उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान ने राज्यपाल एवं राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन लिया ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज संविधान दिवस है, इस अवसर पर हम देश के मेहनतकश तबके को बधाई देते हैं। वक्ताओं ने सरकार की संविधान विरोधी नीतियों की कड़े शब्दों में निन्दा की ।
वक्ताओं ने कहा है कि स्वामीनाथन की सिफारिशों के अनुसार c2प्लस50℅ के आधार पर किसानों की सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाने हेतु भारत सरकार द्वारा एक तरफा बनाई गयी कमेटी को खत्म कर, नयी कमेटी का गठन किया जाए , जिसमें किसानों सहित संयुक्त किसान मोर्चा का भी सम्मानजनक प्रतिनधित्व हो जैसा भारत सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया था। वक्ताओं ने कहा कि सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारन्टी का कानूनी बनाया जाए ।
वक्ताओं ने कहा कि किसानों के उत्पादन के साधनों के दाम बढाने और किसानों की फसलों के सही दाम न मिलने के कारण किसान आत्महत्या करने के लिये मजबूर हो रहे हैं। वक्ताओं ने एक स्वर से किसानों के सभी त्रृण माफ करने की मांग की ।
वक्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा विद्युत बिल 022 वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने राज्य में सरकार द्वारा मनमाने ढंग से बिजली दरों में बढ़ोतरी की निन्दा की। वक्ताओं ने लखीमपुर खीरी में किसानों के हत्यारे गृह राज्य मन्त्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी तथा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किये जाने की भी मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि सूखा ,अतिवृष्टि से खराब फसलों का समुचित मुआवजा दिया जाए। जरूरतमन्द छोटे किसानों को 5000 रुपये पेन्शन देने, गन्ना किसानों को 500 रुपये प्रति क्विन्टल भुगतान करने, जंगली जानवरों से सुरक्षा के इंतजाम करने तथा नकरौंदा में टीरटमैन्ट प्लान्ट बन्द करने की मांग की ।
वक्ताओं ने अंकिता भण्डारी हत्याकांड में लिप्त दोषियों को दण्डित करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराए जाने, श्रम कानूनों में किये गये संशोधनों को वापस लेने तथा राज्य में भूमाफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग की।
इस अवसर पर किसान सभा के सुरेंद्र सिंह सजवाण ,गंगाधर नौटियाल, शिवपप्रसाद देवली, कमरूद्दीन, दलजीत सिंह, बलबीर सिंह, पुरुषोत्तम बडोनी, अमर बहादुर शाही, किसान यूनियन एकता के बल्ली सिंह चीमा, सीटू के महेन्द्र जखमोला, लेखराज, किशन गुनियाल, भगवन्त पयाल, रविन्द्र नौडियाल, ललित उप्रेती, किसान संघर्ष मोर्चा के राजेंद्र, जन चेतना के हरबीर कुशवाहा, सर्वोदय के विजय शंकर ,नितिन मलेठ एस एफ आई इन्दुनौडियाल, दमयंती नेगी, नुरेशा अंसारी, उमा नौटियाल, जनवादी महिला समिति बलबीर सिंह सीवर प्लान्ट के अलावा राजेंद्र पुरोहित, अनन्त आकाश, इस्लाम, जाहिद अन्जुम व दिनेश नौटियाल आदि बड़ी संख्या मे प्रदर्शनकारी शामिल थे ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज संविधान दिवस है, इस अवसर पर हम देश के मेहनतकश तबके को बधाई देते हैं। वक्ताओं ने सरकार की संविधान विरोधी नीतियों की कड़े शब्दों में निन्दा की ।
वक्ताओं ने कहा है कि स्वामीनाथन की सिफारिशों के अनुसार c2प्लस50℅ के आधार पर किसानों की सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाने हेतु भारत सरकार द्वारा एक तरफा बनाई गयी कमेटी को खत्म कर, नयी कमेटी का गठन किया जाए , जिसमें किसानों सहित संयुक्त किसान मोर्चा का भी सम्मानजनक प्रतिनधित्व हो जैसा भारत सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया था। वक्ताओं ने कहा कि सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारन्टी का कानूनी बनाया जाए ।
वक्ताओं ने कहा कि किसानों के उत्पादन के साधनों के दाम बढाने और किसानों की फसलों के सही दाम न मिलने के कारण किसान आत्महत्या करने के लिये मजबूर हो रहे हैं। वक्ताओं ने एक स्वर से किसानों के सभी त्रृण माफ करने की मांग की ।
वक्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा विद्युत बिल 022 वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने राज्य में सरकार द्वारा मनमाने ढंग से बिजली दरों में बढ़ोतरी की निन्दा की। वक्ताओं ने लखीमपुर खीरी में किसानों के हत्यारे गृह राज्य मन्त्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी तथा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किये जाने की भी मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि सूखा ,अतिवृष्टि से खराब फसलों का समुचित मुआवजा दिया जाए। जरूरतमन्द छोटे किसानों को 5000 रुपये पेन्शन देने, गन्ना किसानों को 500 रुपये प्रति क्विन्टल भुगतान करने, जंगली जानवरों से सुरक्षा के इंतजाम करने तथा नकरौंदा में टीरटमैन्ट प्लान्ट बन्द करने की मांग की ।
वक्ताओं ने अंकिता भण्डारी हत्याकांड में लिप्त दोषियों को दण्डित करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराए जाने, श्रम कानूनों में किये गये संशोधनों को वापस लेने तथा राज्य में भूमाफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग की।
इस अवसर पर किसान सभा के सुरेंद्र सिंह सजवाण ,गंगाधर नौटियाल, शिवपप्रसाद देवली, कमरूद्दीन, दलजीत सिंह, बलबीर सिंह, पुरुषोत्तम बडोनी, अमर बहादुर शाही, किसान यूनियन एकता के बल्ली सिंह चीमा, सीटू के महेन्द्र जखमोला, लेखराज, किशन गुनियाल, भगवन्त पयाल, रविन्द्र नौडियाल, ललित उप्रेती, किसान संघर्ष मोर्चा के राजेंद्र, जन चेतना के हरबीर कुशवाहा, सर्वोदय के विजय शंकर ,नितिन मलेठ एस एफ आई इन्दुनौडियाल, दमयंती नेगी, नुरेशा अंसारी, उमा नौटियाल, जनवादी महिला समिति बलबीर सिंह सीवर प्लान्ट के अलावा राजेंद्र पुरोहित, अनन्त आकाश, इस्लाम, जाहिद अन्जुम व दिनेश नौटियाल आदि बड़ी संख्या मे प्रदर्शनकारी शामिल थे ।

