जनवादी महिला समिति ने रसोई गैस सिलेंडर के नूल्य में बढ़ोतरी पर जताया रोष, बढ़े हुए दाम वापस लेने की मांग
देहरादून।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति उत्तराखंड राज्य कमेटी ने रसोई गैस के दाम में फिर से ₹50 की एक और बढ़ोतरी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बढ़े हुए दाम तत्काल वापस लेने की मांग की है ।समिति अध्यक्ष सुनीता पांडेय एवं महामंत्री दमयंती नेगी ने विज्ञप्ति जारी करते हुये कहा है कि
जनता पर गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई की मार पहले ही कम नहीं थी कि अब फिर से गैस के दाम बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा है कि जनता की जरूरत की चीजों की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं तथा मोदी सरकार द्वारा रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म कर 2014 के पहले ही बेतहाशा कीमत वृद्धि की गई है , अब फिर से क्यों अंधाधुन दाम बढ़ाकर सरकार शायद यही चाहती है कि आम जनता फिर से चूल्हा फूंकने के लिए मजबूर हो जाए। मोदी सरकार द्वारा होली के त्यौहार की तैयारियों के बीच परेशान यह झटका क्यों? जनता खुशी-खुशी होली खेले या दाम बढ़ने का मातम करे ? उन्होंने कहा है कि पहले ही उज्ज्वला योजना नामक जुमला झांसा दे चुका था, अब यह नौबत आ गई है कि पिछले साल उज्जवला योजना के अंतर्गत आने वालों में से 10 फीसद से ज्यादा ने एक बार भी सिलेंडर दोबारा नहीं भरवाया था, जबकि करीब 12 फीसद ने सिर्फ एक बार फिर से सिलेंडर भरवाया था। कुल 56.5 फीसद ने 4 या उससे भी कम बार सिलेंडर भरवाया था जो कि न्यूनतम जरूरत है, जबकि रसोई गैस के उपभोग का राष्ट्रीय औसत 7 सिलेंडर का है और 12 सिलेंडर प्रतिवर्ष लेने का हक लोगों को है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल उपयोग के रसोई गैस सिलेंडर के दाम में इस साल दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है जो कि निंदनीय है। समिति का मानना है कि इससे तमाम तैयार खानों की लागत बढ़ेगी, साथ ही महंगाई में और इजाफा होगा। उन्होंने कहा है कि अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति उत्तराखंड राज्य कमेटी इसका पुरजोर विरोध करते हुए मांग करती है कि केंद्र सरकार रसोई गैस के बढाए गए दाम तुरंत वापस ले,वरना वृहद जन-विरोध झेलने के लिए तैयार रहे।

