गुटबाजी के चलते कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष के चयन में नाकाम

 

देहरादून। 29 तारीख से उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो गया है लेकिन अभी तक कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर सकी है। कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर हरीश रावत और प्रीतम सिंह के गुट आमने-सामने हैं। जिसके कारण देरी हो रही है। कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर हो रही देरी के कारण उनके ही नेता सवाल उठाने लगे हैं। वहीं, अब भाजपा ने भी इस मामले पर तंज कसना शुरू कर दिया है।
भाजपा का कहना है कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि एक मजबूत और क्रियात्मक विपक्ष हो, जो सरकार के अच्छे कामों में सरकार का साथ दें और कहीं पर अगर सरकार से कोई कमी रह जाती है तो उसको एक क्रियात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए, लेकिन उत्तराखंड में जिस तरह से कांग्रेस की स्थिति है, उससे लगता है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से फेल हो चुकी है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस अपना नेता प्रतिपक्ष तक भी तय नहीं कर पा रही है। यह वह पार्टी है जो चुनाव से पहले सरकार बनाने का दावा कर रही थी, आज नेता प्रतिपक्ष तक बनाने में असमर्थ है। वहीं, हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष का चयन जल्द हो जाएगा। नेता प्रतिपक्ष के चयन पर हरीश रावत और प्रीतम सिंह के गुट आमने-सामने हैं। इस पर सुमित हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। सुमित हृदयेश ने कहा कि अनुशासन को लेकर कांग्रेस को बीजेपी से सीखना चाहिए। जिस तरह बीजेपी में हर बात पार्टी फोरम में रखी जाती है और बीजेपी हाईकमान का निर्णय ही सर्वमान्य होता है उसी तरह कांग्रेस को भी अपनी बात पार्टी फोरम पर रखनी चाहि। सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी और पूरे प्रदेश की समस्याओं को कांग्रेस सदन में जोरदार तरीके से उठाएगी। सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी के विकास के लिहाज से 13 महत्वपूर्ण बिंदु हैं, जिसको वे सदन में उठाने का काम करेंगे।

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