खनन सामग्री ढोने वाले डंपरों को रोक दिए जाने से शहर में लगा भारी जाम
हल्द्वानी। वन विकास निगम की अव्यवस्था और खनन गेट पर धीमी कार्यप्रणाली ने शुक्रवार को हल्द्वानी की रफ्तार थाम दी। राजपुरा खनन गेट पर वाहनों की निकासी समय पर न होने से सैकड़ों डंपर तिकोनिया के पास रोक दिए गये। नतीजा यह रहा कि सुबह से शाम तक शहर जाम से जूझता रहा और आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई। शुक्रवार सुबह गौला नदी के राजपुरा खनन गेट से खनन सामग्री लेकर निकले डंपर समय पर बाहर नहीं निकल सके। खनन गेट प्रभारी दीपा शाह के अनुसार प्रतिदिन औसतन 250 से 300 वाहनों की निकासी की जाती है। सामान्यत: सुबह पांच बजे वाहन गौला में प्रवेश और सुबह सात बजे तक बाहर निकल जाते हैं। लेकिन शुक्रवार को कई वाहन ओवरलोड पाए गए, जिनसे अतिरिक्त सामग्री उतारने में अधिक समय लग गया। इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग पर दो ट्रेनों की आवाजाही के कारण राजपुरा फाटक देर तक बंद रहा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब सवा नौ बजे जैसे ही खनन वाहन तिकोनिया चौराहे पर पहुंचे। शहर में नो-एंट्री लागू होने के कारण यातायात पुलिस ने खनन वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके चलते तिकोनिया से राजपुरा तक करीब डेढ़ सौ डंपरों की कतारें लग गईं और सड़क के दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। जाम का असर आर्मी कैंट गेट तक पहुंचा। सेना के वाहन भी फंस गए और गेट के पास भारी भीड़ जुट गई। हालात बिगड़ते देख सेना पुलिस को मौके पर तैनात करना पड़ा, जिसके बाद सेना के वाहनों के लिए अलग से रूट क्लीयर कराया गया। हालांकि आम नागरिकों को राहत मिलने में काफी देर लगी। दिनभर चले इस जाम ने स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर कर्मचारियों और व्यापारियों को खासा परेशान किया। स्थानीय लोगों ने खनन गेटों पर व्यवस्था सुधारने और समयबद्ध निकासी की मांग की है। टीई महेश चंद्रा के अनुसार, दोपहर के बाद खनन वाहनों को वापस राजपुरा गेट भेजना शुरू कर दिया गया है।

