प्रशिक्षण: SBI आरसेटी ने दिया 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन व डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण
वीरेंद्र बर्त्वाल
रुद्रप्रयाग, 12 सितंबर। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा जखोली ब्लॉक के अन्तर्गत जवाडी गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन (NRLM)के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 10 दिवसीय मशरूम एवं डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण की शुरूआत 01 सितम्बर से हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक परियोजना निदेशक DRDA रमेश चंद्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर सहायक परियोजना निदेशक द्वारा समूहों की महिलाओं को कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक जानकारियां देते हुए बताया गया कि प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी तथा वह अपनी आजिविका सशक्त बना सकती हैं। साथ ही उन्होंने कई स्थानीय स्वरोजगार की सम्भावनाओं पर चर्चा की।

प्रशिक्षण में 27 युवतियों ने डेयरी वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने तथा 22 युवतियों ने मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान पशुपालन से आये डॉ सतेन्द्र यादव व डॉ देवेन्द्र राणा ने समूह की महिलाओं को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय तथा पशुओं में होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों सहित टीकाकरण, पशुओं की नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान व बीमा आदि की जानकारी दी गयी। वहीं मास्टर ट्रेनर बबीता रावत द्वारा मशरूम उत्पादन में प्रतिभाग कर रही महिलओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उनके द्वारा ढिंगरी मशरूम का कम्पोस्ट तैयार करना तथा मशरूम कैसे तैयार किया जाता है, उसके लिए महिलाओं को तकनीकी जानकारी दी। आरसेटी के निदेशक विनोद कुमार गुप्ता द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को बैंकिंग, जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन सहित विभिन्न प्रकार के खातों से संबंधित वित्तीय साक्षरता की जानकरी दी गयी। संस्थान के प्रशिक्षक वीरेन्द्र बर्तवाल एवं भूपेन्द्र रावत द्वारा स्वरोजगार एवं उद्यमिता जोखिम, गुणवत्ता, आत्मविष्वास, कार्ययोजना तैयार करना ,समय प्रबन्धन आदि कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रशिक्षणार्थियों को दी गयीं। सफल उद्यमियों के डेयरी फॉर्म तथा मशरूम यूनिट का भ्रमण भी कराया गया। कार्यक्रम का समापन जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक धन सिंह डुगरियाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने महिला समूहों को सम्बोधित करते हुए कहा कि समूह के माध्यम से महिलाएं अपनी आजिविका बढ़ा सकती हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रमीण आजीविका मिशन के समूह के लिए स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण एवं ऋण की व्यवस्था है, जिसके माध्यम से महिलायें अपना स्वरोजगार कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकती हैं।

इस अवसर पर प्रशिक्षण ले रही सविता देवी, कुसम देवी व गुड्डी देवी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में इस प्रकार का प्रशिक्षण पहली बार हुआ है और प्रशिक्षण से उनके अंदर काफी आत्मविश्वास जागा है, साथ ही व्यवसाय से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। जिसके लिए उन्होंने आरसेटी के प्रशिक्षण की काफी सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलायें अब गांव में मशरूम उत्पादन और डेयरी का कार्य जल्द ही शुरू करेंगी और अपनी आजिविका में निःसंदेह ही सुधार लायेंगी। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अग्रणी बैंक प्रबन्धक रुद्रप्रयाग धन सिंह डुंगरियाल तथा विनोद कुमार गुप्ता निदेशक आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। समापन अवसर पर संकाय सदस्य वीरेन्द्र बर्त्वाल, भूपेन्द्र रावत , प्राथमिक विद्यालय उत्यासू की प्रधानाचार्य शिखा रावत तथा ब्लॉक मिशन मैनेजर मुकेश राणा सहित प्रशिक्षण ले रही महिलायेें उपस्थित थीं।
