लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन ठग गिरफ्तार

 

देहरादून। शिक्षा नगरी के नाम से मशहूर इस शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने के लिए साइबर ठग नये-नये तरीके अपनाकर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। यहां ठगों द्वारा विभिन्न ऑनलाईन सर्च इंजन पर बैंक/विभिन्न कम्पनियों के कस्टमर केयर नाम से फर्जी मोबाइल नम्बर प्रसारित कर आम जनता से ई-मेल व दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर ऑनलाईन लोन, सामान बेचने, शिकायतों के निस्तारण आदि के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की घटनाएं बढ़ती जा जा रही है ।
ऐसे ही एक प्रकरण की सूचना साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुई थी। इसमें  राम प्रसाद पुत्र  गिरधारी, निवासी- ग्राम धोराहरा, थाना- अतरोलिया, जिला आजमगढ़ उप्र हाल निवासी रामपुर कला, चोरी बस्ती, थाना- सहसपुर, देहरादून के साथ इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया गया था। मुद्रा योजना के तहत लोन देने हेतु विशाल कश्यप आदि द्वारा मोबाईल से पीड़ित राम प्रसाद से सम्पर्क किया गया। फिर लोन उपलब्ध कराने का लालच देते हुये प्रोसेसिंग फीस, ईएमआई शुल्क एवं अन्य विभिन्न शुल्क के नाम पर भिन्न भिन्न बैंक खातों में धनराशि जमा कराते हुये धोखाधड़ी किये जाने की शिकायत प्राप्त हुयी। इस पर थाना- सहसपुर पुलिस स्टेशन देहरादून पर मुअसं 62/22 धारा 420 भादवि का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना सहसपुर थाने के उनि  राकेश सिह पुण्डीर के सुपुर्द की गयी।

स्पेशल टास्क फोर्स व साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा मात्र 06 घण्टे में अथक मेहनत एवं प्रयास से अभियुक्तगणों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अभियुक्तगणों से पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि यह गिरोह फर्जी आईडी पर सिम कार्ड लेकर पूरे भारतवर्ष में जरुरतमंदों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का लालच देकर तरह तरह के शुल्क, प्रोसेसिंग फीस आदि के एवज में धनराशि विभिन्न खातो में मंगाकर धोखाधड़ी करते हैं । राज्य में साइबर अपराध का विशिष्ट गैंग पकड़ा गया है और विवेचना उपरांत और भी पीड़ित व्यक्तिओं के आगे आने की संभावना है |
साइबर अपराध एक नयी चुनौती की तरह सामने आ रहा है | स्पेशल टास्क फ़ोर्स द्वारा प्रदेश में ही एक ऐसे गैंग को पकड़ के एक अहम सन्देश दिया गया है।

अभियुक्तगण आम जनता से ठगी करने हेतु विभिन्न कम्पनियों/बैंक आदि के फर्जी कस्टमर केयर नम्बर को गूगल प्लेटफार्म पर प्रसारित कर आम जनता को झांसे में लेकर विभिन्न कम्पनियों/बैंक के कस्टमर केयर अधिकारी/कर्मचारी बनकर समस्या के समाधान हेतु लिंक भेजकर/एप डाउनलोड कराकर बैंक/एटीएम डिटेल प्राप्त कर ठगी का शिकार बनाते हैं। इनके द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रोसेसिंग शुल्क, बैंक शुल्क आदि का झांसा देकर जरुरतमंदो से पैसे लिये जाते थे ।एक व्यक्ति जरूरतमंद लोगों को फोन कर बात करता था। दूसरा शख्स व्हाट्सएप मैसेज भेजता था। तीसरे व्यक्ति ने खाते में पैसे लेने के लिए 500 रुपये कमीशन के साथ अपने खाते में पैसा जमा किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विशाल कश्यप पुत्र बाबूराम, निवासी- संगम विहार कॉलोनी, गांधी ग्राम, थाना- बसन्त विहार देहरादून, जितेन्द्र वर्मा पुत्र चुन्नीलाल निवासी- उपरोक्त तथा राजीव शर्मा पुत्र सुभाष शर्मा, निवासी- जीएमएस रोड, काली मन्दिर एन्क्लेव, थाना- बसन्त विहार, देहरादून के रूप में हुई है।
पुलिस टीम मे उनि राजीव सेमवाल, हेड कानि सुरेश कुमार,कानि श्रवण कुमार तथा
सब इंस्पेक्टर राकेश पुंडीर व सहसपुर थाने की टीम शामिल रहे।

इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ जनता से अपील की है कि कृपया किसी सर्च इंजन पर किसी कम्पनी / बैंक का कस्टूमर केयर नम्बर न ढूंढें । कस्टमर केयर का नम्बर सम्बन्धित कम्पनी / बैंक की अधिकारिक वैबसाईट से ही देखें । किसी अंजान व्यक्ति के बहकावे मे आकर Any Desk, Quick Support, Alpmix आदि Remote Access app डाउनलोड न करें । कस्टमर केयर से बताकर फोन करने वाले व्यक्ति की बातो में न आये और न ही उसे अपने वॉलेट/बैक सम्बन्धी को जानकारी साझा करें । कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून को सम्पर्क करें, व कोई भी आर्थिक साईबर अपराध होने पर तत्काल साईबर हैल्पलाईन नम्बर 155260 पर सम्पर्क करें।

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