राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने की गेट मीटिंग, 7 सितंबर को देंगे धरना
संवाददाता
देहरादून, 04 सितंबर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य निगम कर्मचारी महासंघ सरकार से दो-दो हाथ करने के मूड में है। आंदोलन की तैयारी में जुटे निगम कर्मचारी पहले चरण में आगामी 7 सितंबर को धरना प्रदर्शन करेंगे। इसी सिलसिले में महासंघ की ओर से देहरादून में पेयजल निगम मुख्यालय पर गेट मीटिंग आयोजित की गई।
गौरतलब है कि महासंघ ने सार्वजनिक निगमों के साथ शासन स्तर पर हुए समझौतों को लागू करने , ए सी पी निर्धारण में ऑडिट आपत्तियों को राज्य कार्मिकों की भांति रिओपन न करने , गोल्डन कार्ड व्यवस्था लागू करने , सातवें वेतनमान के अनुसार मकान किराया भत्ता लागू करना, निगम कार्मिकों के लिए समय से वेतन की व्यवस्था करने आदि मांगों के निराकरण हेतु सरकार को 7 सितंबर को सांकेतिक रूप से धरना/प्रदर्शन करने का नोटिस दिया है ।जिसकी तैयारी और जन जागरण को लेकर पेयजल निगम में गेट मीटिंग आयोजित की गयी।
दूसरी मीटिंग परिवहन निगम कार्यशाला में की गयी ।
सभा की अध्यक्षता महासंघ के करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष विजय खाली ने अपने सम्बोधन में समस्त कार्मिकों से 7 सितंबर को परेड ग्राउंड में एकत्रित होने का आह्वान किया।
परिवहन निगम में हुई गेट मीटिंग में महासंघ के महासचिव बी एस रावत ने समस्त कार्मिकों का आह्वाहन किया कि परिवहन निगम और वन विकास निगम में ऑडिट आपत्तियों के नाम पर कर्मचारी उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन में भागीदारी करें। उन्होंनेे कहा कि सरकार यदि ए सी पी निर्धारण में राज्य कार्मिकों वेतनमान को रिओपन न कर माफ कर सकती है तो सार्वजनिक निगमों के कार्मिकों की ऑडिट आपत्तियों को रिओपन नहीं करना होगा। राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ इस लड़ाई के लिए बचनवद्ध है कि किसी कार्मिक से वसूली नहीं होने दी जायेगी।।
गेटमीटिग में विजय खाली, बी एस रावत, दिनेश पन्त, प्रेमसिंह रावत, राकेश पेटवाल, दिवाकर शाही, मेजपाल, धर्मेन्द्र चौधरी, अजय बेलवाल, राम कुमार व जी एस नेगी आदि ने अपने विचार रखे।

