यूक्रेन में हो रही रूसी बमबारी में भारतीय छात्र की मौत

नई दिल्ली। मंगलवार को जब देश में महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेशंकर के जयकारे गूंज रहे थे, युद्ध से घिरे देश यूक्रेन से एक दुखद खबर आई। खबर दुखद ही नहीं, विदेशी धरती पर संकट से घिरे हजारों भारतीय छात्रों के जीवन पर मंडरा रहे खतरे और उसे लेकर भारत में उपजी चिंताओं को बढ़ा देने वाली भी है। यूक्रेन पर हो रहे रूसी हमलों में एक भारतीय छात्र के मारे जाने की खबर है। साफ़ ज़ाहिर है कि वहां अब हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। मंगलवार को मिली खबर के अनुसार, एक हवाई हमले में यूक्रेन के खारकीव में भारतीय छात्र की मौत हो गई है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दी है। उन्होंने कहा कि आज सुबह से रूस ने यूक्रेन के सभी बड़े शहरों में हमले तेज कर दिए हैं। कीव की तरफ रूसी सेनाका बड़ा काफिला तेजी से बढ़ रहा है। यह बताते हुए मुझे बड़ा दुःख है कि खारकीव में जो हवाई हमले हो रहे हैं, उसमें नवीन कुमार नाम के एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है। फिलहाल मंत्रालय छात्र के परिवार के साथ संपर्क में है। परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं।

अरिंदम बागची  ने आगे जानकारी दी है कि भारतीय विदेश सचिव रूस और यूक्रेन के राजदूतों से संपर्क में हैं। इसमें यह मांग उठाई गई है कि भारतीय छात्रों और नागरिकों को निकलने के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाए क्योंकि कई छात्र अभी खारकीव और अन्य शहरों में फंसे हुए हैं।
इधर, देश में प्रमुख विपक्षी दलों ने भारतीय छात्र की मौत पर दुःख जताते हुए केंद्र सरकार पर इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने यूपी के चुनाव के लिए यूक्रेन में फंसे हजारों भारतीय छात्रों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। वहां भारतीय छात्र के मारे जाने की घटना के लिए दो देशों के बीच छिड़ी ज़ंग ही नहीं, भारत सरकार की अनदेखी भी कम जिम्मेदार नहीं। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में किसी भारतीय छात्र की पहली मौत से वहां के गंभीर हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर मोदी सरकार अब भी न चेती तो और भी बुरे नतीजे सामने आ सकते हैं।

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