हरदा ने मारी बीजेपी में सेंध, दर्जनों भाजपाइयों को शामिल किया कांग्रेस में
हल्द्वानी। सोमवार को होने वाले मतदान से पहले चुनावी प्रचार के अंतिम दिन तमाम उम्मीदवारों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंकने के साथ ही व्यापक पैमाने पर जनसंपर्क भी तेज़ कर दिया है। इस बीच दल-बदल का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है। इस मामले में हरदा का आकर्षण विरोधियों पर भारी पड़ रहा है। लालकुआं विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं में ही नहीं बल्कि अन्य दलों के लोगों में भी आकर्षण का भाव देखने में आ रहा है। हरीश रावत का ही यह प्रभाव है कि लोग उनके साथ जुड़ते जा रहे हैैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए 51 लोगों ने हरदा के प्रति विश्वास जताते हुए भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। अनूप भाटिया के नेतृत्व में शामिल हुए लोगों ने कांग्रेस में आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार पूरी तरह जन विरोधी साबित हुई है। पार्टी ने 5 साल में सिर्फ तीन मुख्यमंत्री बदलने के अलावा कोई भी काम नहीं किया है। कांग्रेस में शामिल हुए लोगों ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी उत्तराखंड की सबसे बड़ी गंभीर समस्या है। लेकिन भाजपा ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
हरीश रावत ने पार्टी में शामिल हुए लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस जन अपेक्षाओं पर हमेशा खरा उतरेगी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को झूठे वादे करने वाली पार्टी भी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव उत्तराखंड के स्वाभिमान और अहंकारी भाजपा के बीच हो रहा है और इस चुनाव में निश्चित रूप से उत्तराखंड का स्वाभिमान विजयी होगा। उन्होंने चार धाम पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी को उत्तराखंड का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमारे चार धाम पर कटाक्ष करते हुए उत्तराखंड की महान संस्कृति और परंपरा के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा, कांग्रेस ने देश के सम्मान के खातिर देश की हिफाजत की खातिर त्याग और बलिदान दिया है। हरीश रावत ने स्थानीय जन समस्याओं के निदान का भी भरोसा दिलाया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र बोरा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह, चेयरमैन लालचंद सिंह, पूर्व चेयरमैन रामबाबू मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रवि शंकर तिवारी, गुरुदयाल मेहरा, गोपाल भट्ट, तिलकधारी, पंकज दुर्गापाल और सरस्वती धन सिंह समेत अनेकों कांग्रेसजन मौजूद थे। राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि कांग्रेस में शामिल हो रहे लोगों की लगातार बढ़ती संख्या हरीश रावत की जीत के संकेत दे रही है।

