धार्मिक यात्रा के दौरान तमंचा रखने पर कोर्ट ने दोषी को सुनाई एक साल की सजा
कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोटद्वार मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने धार्मिक यात्रा के दौरान तमंचा रखने के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर दोषी को 10 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। सहायक अभियोजन अधिकारी विक्रांत राठौर के अनुसार 12 सितंबर, 2019 में गणपति विसर्जन के दौरान मुख्य डाकघर के पास जुलूस में शामिल एक व्यक्ति के पास तमंचा होने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे मॉडल मोंटेसरी स्कूल के गेट के पास दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी संदीप निवासी ग्राम- नंदपुर, मोटाढाक, थाना कोटद्वार के पास से 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ। आरोपी तमंचे से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस उसे हिरासत में लेकर कोतवाली लाई और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एसीजेएम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व दस्तावेजी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद संदीप रावत दोषी माना और सजा सुनाई।

