एम्स में मधुमेह और उच्च रक्तचाप से ग्रसित रोगियों को नियमित रूप से गुर्दा जांच कराने की सलाह
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में मरीजों और तीमारदारों को किडनी रोग से संबंधित विस्तृत जानकारियां दी गईं। चिकित्सकों ने बताया कि मधुमेह, उक्त रक्तचाप के रोगी नियमित रूप से गुर्दे की जांच कराएं। बीमारी के प्रारंभिक लक्षण, खानपान और दिनचर्या के बारे में भी बताया, जबकि नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिये मरीजों और तीमारदारों को बीमारी के प्रति जागरूक कराया। विशेषज्ञों ने बताया कि किडनी शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त से अपशिष्ट पदार्थों के अलावा पानी को छानकर मूत्र के जरिए शरीर से बाहर निकालता है। साथ ही यह अंग हमारे शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित रखने, शरीर में सोडियम और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाने, अम्ल और क्षार संतुलन को ठीक रखने में अहम भूमिका निभाता है। नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शेरोन कंडारी ने बताया कि किडनी संबंधी बीमारी के शुरुआती चरणों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। इस बीमारी से ग्रसित मरीजों के पैरों में सूजन, थकान, भूख कम लगना, उल्टी-मितली अथवा पेशाब कम होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जब किडनी की आधे से अधिक कार्यक्षमता पहले ही समाप्त हो चुकी होती है। ऐसे में जिन लोगों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप अथवा परिवार में गुर्दा रोग का इतिहास रहा है, उन्हें नियमितरूप से रक्त और मूत्र की जांच करानी चाहिए। मौके पर नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉक्टर शेरोन कंडारी, डॉ.दीपेश, सीनियर रेजिडेंट डॉ.संदीप कौर, डॉ. अभय, डॉ. सार्थक, डॉ. सयान सहित एसएनओ-एएनओ प्रह्लाद कुमार, अंजना, चंदू, नर्सिंग ऑफिसर अंजलि, मौसम, अखिलेश, गोपाल मौजूद रहे।

