कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोपी मां-बेटा को किया दोषमुक्त

विकासनगर। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कुमार की अदालत ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोपी मां-बेटे को दोषमुक्त कर दिया। दोनों पर वर्ष 2023 में सहसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में पीड़िता मुर्शिदा पत्नी सागिर ने तहरीर दी थी। बताया था कि उसका निकाह सागिर पुत्र हसमत अली निवासी शंकरपुर, हुकूमतपुर के साथ शंकरपुर हुकूमतपुर में हुआ था। निकाह के पश्चात से ही उसके पति, जेठ, सास, देवर उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे। वह उसके साथ मारपीट करते हैं। दहेज में दो लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। तहरीर के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में अभियोजन पक्ष घटना को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी सागिर और उसकी मां हसमत को दोषमुक्त कर दिया।
चरस तस्करी के तीन आरोपियों की जमानत खारिज
दूसरी ओर, विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस नंदन सिंह की अदालत ने चरस तस्करी के तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। तीनों को पुलिस ने एक किलो 505 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। विकासनगर कोतवाली पुलिस ने पंकज पुत्र सरदार निवासी ग्राम सूर्यो कालसी, दिनेश पुत्र भोपाल, निवासी ग्राम जिसोउ घराना कालसी और कुन्दन पुत्र अमर निवासी ग्राम सूर्यो कालसी को छह नवंबर को एक किलो 505 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस ऐक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। तब से तीनों जिला कारागार में ही बंद है। तीनों की ओर से अलग-अलग कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने उन्हें पुलिस की ओर से झूठा फंसाने की बात कही थी। विशेष न्यायालय एनडीपीएस नंदन सिंह अदालत ने आरोपियों के अपराध को गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए तीनों के जमानत याचिका खारिज कर दी।

