उत्तराखंड की बेटी ने लहराया सफलता का परचम, एसएससी की परीक्षा में देश की टाॅपर बनी अंजलि रावत
कोटद्वार। उत्तराखंड की बेटियों ने समय समय पर अपनी मेहनत और लगन के बूते पर देश- विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। ऐसी ही प्रतिभाओं में अब एक और नाम जुड़ गया है- ‘अंजलि रावत’। जनपद पौड़ी गढ़वाल की असवालस्यूं पट्टी के रिंगवाड़ गांव में जन्मी अंजलि रावत ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ग्रुप-डी परीक्षा में ऑल इंडिया प्रथम रैंक प्राप्त कर देशभर में प्रदेश को गौरवान्वित किया है। परीक्षा में टॉप करने वाली अंजलि अब मिनिस्ट्री आफ एक्सटर्नल अफेयर्स में ज्वाइन करेंगी। इसके बाद उन्हें विदेश में भारतीय दूतावास में नौकरी करने का मौका मिलेगा। अंजलि का परिवार सतपुली के असवालस्यूं पट्टी के ग्राम रिंगवाड़ का निवासी है। उनके पिता दिनेश सिंह रावत वर्तमान में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता गृहणी हैं। परिजनों का कहना है कि अंजलि ने बचपन में ही अपना लक्ष्य तय कर लिया था और इसे हासिल करने के लिए वो लगातार मेहनत करती रहीं।
अंजलि रावत ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की है। 22 वर्षीय अंजलि रावत ने वर्ष 2020 में भी कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा पास की थी। लेकिन उन्हें बेहतर रैंक नहीं मिल पाई थी। तब रैंक के आधार पर उनकी तैनाती देहरादून स्थित सर्वे ऑफ इंडिया में हुई, लेकिन अंजलि हमेशा से कुछ बेहतर करना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने 2021 में दोबारा एसएससी की परीक्षा दी, और इस बार टॉप करने में सफल रहीं। गत 15 अक्टूबर को परीक्षा का परिणाम जारी किया गया। जिसमें अंजली ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। अंजलि ने अपनी सफलता का श्रेय स्वजनों और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से उन्हें सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। अगर मन में ठान लिया जाए तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

