अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की जमानत की रद्द, आत्मसमर्पण के आदेश

नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी है और उनको एक हफ्ते में जेल वापस लौटने को कहा है। सुशील जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद थे। उनको दिल्ली हाई कोर्ट ने 4 मार्च को नियमित जमानत दी थी। न्यायमूर्ति संजय करोल और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने धनखड़ के पिता की याचिका पर सुशील की जमानत रद्द की है।
मई 2023 में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में सुशील और अन्य साथियों ने धनखड़ पर हमला कर दिया, जिसके कुछ दिन बाद धनखड़ की मौत हो गई। उनके बीच किसी फ्लैट को लेकर विवाद था। पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में 17 दिन बिताने के बाद सुशील मुंडका से पकड़े गए। रेलवे ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। दिल्ली पुलिस ने 1,100 पृष्ठों के आरोपपत्र में सुशील को मुख्य आरोपी बनाया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने घटना के 17 दिन बाद 23 मई, 2021 को सुशील को गिरफ्तार किया था। उनके साथ 18 अन्य आरोपियों भी हिरासत में लिए गए थे। पुलिस ने अपने आरोपपत्र में 155 गवाहों के साथ सुशील और अन्य आरोपियों पर हत्या, हत्या का प्रयास, दंगा, लूटपाट, डकैती, अपहरण, गैर-कानूनी जमावड़ा, जबरन घर में घुसने, गंभीर चोट पहुंचाने, और आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में आरोप तय किए हैं।
बीजिंग और लंदन ओलंपिक में कांस्य-रजत पदक जीत चुके सुशील ने पत्नी की पीठ की सर्जरी के लिए रोहिणी जिला कोर्ट से 4 नवंबर 2022 को 9 दिन की अंतरिम जमानत ली थी और 12 नवंबर को आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद मार्च 2023 में रोहिणी कोर्ट ने मानवीय आधार पर पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए उन्हें 4 दिन की जमानत दी। फिर 23-30 जुलाई, 2023 तक वे घुटने के ऑपरेशन के लिए जमानत पर बाहर आए थे।
सुशील ने मार्च में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाकर कहा था कि वह साढ़े 3 साल जेल में बिता चुके हैं। मुकदमा लंबा चलेगा और अभी केवल 222 में 31 से पूछताछ हुई है, ऐसे में हाई कोर्ट ने उनको नियमित जमानत दे दी।

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