रसोई गैस सिलेंडर की मूल्य वृद्धि को माकपा ने बताया जनविरोधी कदम, वापस लेने की उठाई मांग

 

देहरादून। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिवमंडल ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में एक बार फिर आज से 50 रुपये की बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की है।
पार्टी के राज्य सचिव राजेन्द्र नेगी का कहना है कि सभी खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में इस बढ़ोतरी ने लोगों पर बहुत अधिक आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। इस बढ़ोतरी से और अधिक लोग सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का उपयोग करना छोड़ देंगे, क्योंकि वे इसे वहन नहीं कर सकते। नेगी के मुताबिक उज्जवला योजना के तहत पहले से ही 10 प्रतिशत से अधिक लोगों ने पिछले वर्ष के दौरान कोई सिलेंडर नहीं भरवाया है। करीब 12 फीसदी ने सिर्फ एक बार ही भरवाया है। कुल 56.5 प्रतिशत ने 7+ सिलेंडरों के न्यूनतम आवश्यक वार्षिक औसत और प्रति वर्ष 12 सिलेंडरों की पात्रता के मुकाबले केवल 4 या उससे कम बार ही गैस के भरे हुए सिलेंडर लिए हैं।
माकपा नेता नेगी के अनुसार, इस साल दूसरी बार व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे एक सिलेंडर 350.50 रुपये महंगा हो कर दिल्ली में 1769 रुपये के बजाय 2119.5 रुपये में मिलेगा। इससे सभी प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की लागत में वृद्धि होना तय है, जिससे कीमतों में और वृद्धि होगी। यह क्रूर बढ़ोतरी देश में बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई के बढ़ते स्तर की पृष्ठभूमि में आई है। माकपा राज्य सचिवमंडल रसोई गैस के घरेलू और व्यवसायिक सिलेंडरों की कीमतों में इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग करता है।

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