भालू और गुलदार की दहशत में जी रहे हैं गढ़वाल जनपद के कई गांवों के लोग
पौड़ी। गढ़वाल वन विभाग की दमदेवल रेंज के पाबौ ब्लाक के कई गांवों में भालू की दहशत बनी हुई है। भालू आए दिन गोशालाओं में बंधे मवेशियों पर हमला कर उन्हें मार रहा है। भालू ने चरगढ गांव में गोशाला तोड़कर गाय को मार डाला। ग्रामीण भीम सिंह ने बताया कि देर रात छानी तोड़ भालू ने गाय को बुरी तरह से घायल कर दिया। बताया कि गाय की आवाज सुन ग्रामीण बाहर आए, जिसके बाद भालू घायल गाय को छोड़कर भाग निकला। ग्रामीण दौलत सिंह ने बताया कि उनके घर से समीप ही गोशाला तोड़ भालू गाय को बाहर खींच कर लाया। जब उन्होंने टॉर्च चमकाई तो भालू दिखाई दिया। दूसरे दिन ग्रामीणों ने वन विभाग को मामले की सूचना दी। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप नेगी ने बताया कि भालू का मवेशियों पर इस प्रकार की गांव में यह पहली घटना है। हालांकि इससे पूर्व जबरौली गांव में भालू ने दो बकरियों को मार डाला था। इधर, दमदेवल रेंज के रेंजर राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि पाबौ ब्लॉक में अभी तक भालू ने 4 मवेशियों पर हमला कर उन्हें मार दिया है। उन्होंने बताया कि बीते महीने कालौं, डुंगोर व सलाणा गांव में भालू ने इसी पैटर्न से गोशालाओं को तोड़ा और मवेशियों को मार डाला। भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने कालौं गांव के आस पास ट्रैप कैमरे भी लगाए। लेकिन भालू इसमें भी नहीं दिखाई दिया। क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है।

दूसरी ओर दीवारेंज धुमाकोट क्षेत्र के तहत गुजड़ू पट्टी ग्राम जमणधार और धौलियाना में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है। कई बार आबादी क्षेत्र में घुसकर पालतू जानवरों को निवाला बना चुका है। इस सप्ताह दो गायों को शिकार बनाया। वहीं, दो दिन पहले गांव के पास सड़क किनारे चरती गाय को भी मार डाला। उससे एक दिन पहले जमणधार गांव की मंथा देवी की गाय को गांव के बीच स्थित गोशाला में मार दिया। गुलदार ने धौलियाना के देशबंधु बिष्ट की खेतों में चरती बकरी को भी निवाला बनाया। पूर्व प्रधान रघुबीर सिंह नेगी, ग्रामीण जसवंत, रघुबीर सिंह, कुलदीप, मंथा देवी व जगतराम आदि का कहना है कि जंगली जानवरों के आतंक से गांव में मुश्किलें बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन जंगली जानवरों के आतंक से गांव के लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।

