उत्तराखंड

बुजुर्ग के बाघ के हमले में घायल होने से इलाके में दहशत का माहौल, जंगल में शौच को गया था ग्रामीण

 

रुद्रपुर। चकरपुर में वनखंडी महादेव मंदिर के पीछे शौच करने गए बुर्जुग पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया। चिकित्सकों ने बुर्जुग का उपचार करने के बाद छुट्टी दे दी। बाघ के हमले की सूचना से वन सीमा से सटे आबादी क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया। चकरपुर निवासी 70 वर्षीय छोटे सिंह राना शुक्रवार की सुबह वनखंडी शिव मंदिर चकरपुर के पीछे शौच को गए थे। जब वह लौट रहे थे तो झाड़ी में बैठे बाघ ने हमला कर दिया। बुजुर्ग के शोर मचाने पर मंदिर में मौजूद लोग दौड़ पड़े। लोगों के मौके पर पहुंचने पर बाघ उन्हें छोड़कर झाड़ियों की ओर भाग गया। बाघ के हमले में बुजुर्ग की पीठ पर पंजे के निशान हैं। लोगों ने सूचना वन विभाग को दी। वन बीट अधिकारी टेक चंद, विपिन कुमार, संजीव कुमार, सुभाष चंद और कृष्णा सिंह मौके पहुंच गए। साथ चकरपुर पुलिस चौकी से भी पुलिस के जवान आ गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद लोगों को घटना स्थल से दूर किया और मौका मुआयना किया, लेकिन बाघ के पद चिह्न नहीं मिले। घायल बुजुर्ग को लोगों ने उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें उपचार करने के बाद छुट्टी दे दी।
लगातार हो रहे हमलों से दहशत में ग्रामीण
खटीमा रेंज के चकरपुर वन सीमा से सटे गांव में आए दिन बाघ दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल गहै। बाघ ने इससे पूर्व बूढ़ाबाग निवासी रामरेशी राणा को अपना निवाला बना चुका है। चकरपुर निवासी गौरा देवी को भी बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। हाईवे पर सनिया नाले पास रीठा साहिब से लौट रहे बाइक सवार दो युवकों पर भी बाघ ने हमला कर दिया था। इसमें बाइक सवार दो युवक जख्मी हो गए थे। बाघ लगातार वन सीमा से सटे गांव और हाईवे पर आए दिन दिखने से लोगों में दहशत बनी हुई है। वन बीट अधिकारी टेक चंद ने लोगों से सतर्कता बरतने और जंगल में अकेले न जाने की अपील की है। लोगों का कहना है कि बाघ के आए दिन वन सीमा से सटे गांव में आने से लोगों में दहशत बनी हुई है। उन्होंने वन विभाग से बाघ के पकड़ने के पिंजरा लगाने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *