बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रही महिला को मार डाला गुलदार ने, इलाके में दहशत
कोटद्वार। भारी बारिश के चलते रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम तरह की दुश्वारियां झेल रहे उत्तराखंड में अब खूंखार जंगली जानवरों का खौफ भी लोगों की जिंदगी को मुश्किल बनाता जा रहा है। खासतौर से आदमखोर तेंदुओं की सक्रियता के चलते आए दिन कोई न कोई इंसान असमय मौत का शिकार बनने को अभिशप्त है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला जनपद पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा क्षेत्र में सामने आया है, जहां ग्राम गोदी छोटी में गुलदार ने आज दिनदहाड़े एक महिला को अपना निवाला बना लिया।
यहां मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह महिला अपने बच्चे को दुगड्डा स्थित स्कूल में छोड़ने के बाद घर लौट रही थी। इस बीच रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया। पौड़ी जिले के दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम गोदी बड़ी निवासी रीना देवी (38) पत्नी मनोज चौधरी मंगलवार सुबह गांव से अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने दुगड्डा गई थी। घर वापस लौटते वक्त गांव के समीप ही रीना देवी पर गुलदार ने हमला कर दिया और मुंह में दबोच कर गुलदार उसे घसीटते हुए घनी झाड़ियों में ले भागा। गांव से दुगड्डा की ओर आ रहे कुछ बच्चों ने रास्ते में खून पड़ा देखा तो इसकी जानकारी गांव में दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घटनास्थल से कुछ दूर झाड़ियों में एक शव पड़ा देखा। समीप ही गुलदार भी बैठा हुआ था, जो ग्रामीणों को देखकर वहां से भाग निकला। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और शव को झाड़ियों से बाहर निकाला गया। गौरतलब है कि बीते वर्ष भी इस गांव में गुलदार ने एक मासूम को निवाला बनाया था। आज की घटना के बाद से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में गम का माहौल है। आदमखोर तेंदुए की सक्रियता से भयभीत ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। हालांकि वन विभाग गांव में पिंजरा लगाने की बात कह रहा है।
उधर, रुद्रप्रयाग जनपद में आठ वर्ष के बालक को शिकार बनाने वाले नरभक्षी गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रमुख वन संरक्षक ने कहा कि नरभक्षी गुलदार को ड्रौन कैमरे की मदद से पहचान करने व पिंजरे में कैद न होने पर मारने के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग ने शीघ्र नरभक्षी गुलदार को पकड़ने या मारने की मांग की है।
गौरतलब है कि जिले की जखोली विकासखंड के बड़मा पट्टी की बष्टा ग्राम पंचायत में चार दिनों से नरभक्षी गुलदार को लेकर खौफ है। 13 जुलाई को गुलदार ने आठ वर्षीय आरूष पुत्र मनमोहन सिंह को घात लगाकर अपना शिकार बना लिया था। जिसके बाद प्रभागीय वनाधिकारी ने प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव को पत्र लिखकर गुलदार को नरभक्षी घोषित करने, शिकारी दल तैनात करने, एवं गुलदार को गोली मारने की मांग की थी।
इस बारे में प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव समीर सिन्हा ने प्रभावित क्षेत्र में कैमरा ट्रैप के माध्यम से नरभक्षी गुलदार की पहचान करते हुए गुलदार को पकड़ने व मारने की स्थिति में तत्काल इसकी सूचना देने को कहा है। साथ ही कहा कि एक महीने के भीतर कार्रवाई न होने पर यह आदेश स्वत: ही समाप्त हो जाएगा।
बहरहाल, नरभक्षी गुलदार के आतंक से पूरा पर्वतीय क्षेत्र खौफ में है। रात होने से पहले ही ग्रामीण अपने घरों में दुबक रहे हैं, जबकि गांव से इधर-उधर भी झुंड बनाकर जा रहे हैं।

