पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित परीक्षा में नकल कराते 5 गिरफ्तार
गिरफ्तार लोगों में दो डॉक्टर भी शामिल, नकल कराने के लिए थे 50 लाख रुपये
देहरादून। ऑल इण्डिया स्तर पर एम्स द्वारा आयोजित एमडी परीक्षा में नकल कराते पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकडे गये लोगों मे दो एम्स के चिकित्सक भी शामिल है। जिनके कब्जे से मोबाइल फोन, तीन टैब व मेडिकल से सम्बन्धी पुस्तकें बरामद की गयी है।
सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित एम्स की एमडी परीक्षा के दौरान नकल माफियाओं के सक्रिय होने तथा देहरादून से अन्य प्रान्तों में स्थित परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा के दौरान परिक्षार्थियों को अनुचित माध्यमों से नकल कराये जाने की गोपनीय सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उस पर रोक लगाने हेतु एसओजी सहित एक पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा एक सूचना के आधार पर बीते रोज बैराज रोड से एक टाटा सफारी में बैठे 5 व्यक्तियों को ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित एम्स की एमडी परीक्षा ( इंस्टीट्यूट आफ नेशनल इंर्पोटेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट जुलाई 2024) में गैर प्रान्त कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) के परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन एवं टैब के माध्यम से प्रश्न पत्रों के सॉल्व्ड उत्तर उपलब्ध कराते हुए गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अजीत पुत्र स्वर्गीय सतवीर, निवासी जिला जींद हरियाणा, अमन शिवाच पुत्र अर्जुन शिवाच, निवासी विकास कॉलोनी रोहतक हरियाणा, वैभव कश्यप पुत्र संजीव कश्यप, निवासी अंबिका एंक्लेव सनौर पटियाला पंजाब, विजुल गौरा पुत्र गोविंद लाल, निवासी पटेलनगर जिला हिसार, हरियाणा, जयंत पुत्र प्रकाश निवासी डिफेंस कॉलोनी, जिला हिसार हरियाणा बताये। गिरफ्तार लोगों में से 2 एम्स ऋषिकेश के चिकित्सक बताए जाते हैं, जिनके द्वारा परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्रों के सॉल्व्ड उत्तर बताये जा रहे थे। पूछताछ में मुख्य आरोपी अजित द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा आज प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक आयोजित एम्स की एमडी परीक्षा में हिमाचल इन्सीटयूट आफ इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी, विद्यानगर, नियर गर्वनमेंट डिग्री कॉलेज शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में स्थित परीक्षा केन्द्र में परीक्षा दे रहे 3 अभ्यर्थियों को परीक्षा में नकल करायी जा रही थी, परीक्षा के दौरान परीक्षा केन्द्र में बैठे परिक्षार्थियों द्वारा उन्हें अपने मोबाइल से प्रश्न पत्रों की फोटो खींचकर टेलीग्राम के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही थी, जिसका उत्तर उनके द्वारा टेलीग्राम पर बनाये गये ग्रुप के माध्यम से परिक्षार्थियों को उपलब्ध कराया जा रहा था। प्रश्न पत्रों के उत्तर सॉल्व्ड कराने के लिये उनके द्वारा एम्स अस्पताल के डॉक्टर वैभव जेआर व एक अन्य डॉक्टर अमन को हायर किया गया था। डाॅ. अमन आरोपी के एक दोस्त की मौसी का लड़का है। आरोपियों द्वारा प्रत्येक अभ्यर्थी को एमडी की परीक्षा में पास कराने के एवज में 50 लाख रुपए लिये गये थे, जिसमें से उसके द्वारा अपने साथ काम करने वालों को दो से तीन लाख रुपये दिये जाते हैं तथा प्रश्न पत्रों को हल करने के लिए एम्स ऋषिकेश से जिन डॉक्टरों को हायर किया गया था, उन्हें 2-2 लाख रुपए में हायर किया था। पूछताछ में अजीत द्वारा बताया कि उसकी तीन लैब हैं, जिनके माध्यम से वह अन्य प्रतियोगी परीक्षाओ मेें भी परिक्षार्थियों को नकल कराने के एवज में मोटी धनराशि लेता है।

