सरोकार

नगर पंचायत सेलाकुई में ईओ न होने से लोगों को परेशानियां,बदहाली पर मोर्चा ने जताया आक्रोश

विकासनगर। सेलाकुई नगर पंचायत में दो सप्ताह से अधिक समय से अधिशासी अधिकारी नहीं है। जिससे नगर पंचायत के सभी कार्य ठप पड़े हुए हैं। लोग अपने कार्यों के लिए भटक रहे हैं। खासकर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर में नाम चढ़वाने आदि के लिए लोग भटक रहे हैं। इसके साथ ही अन्य विकास और कार्यालय संबंधी कार्य भी ठप पड़े हुए हैं। नगर पंचायत सेलाकुई के अधिशासी अधिकारी एमएल शाह को विगत 18 अगस्त को तबादला हो गया था, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बाद भी अभी तक सेलाकुई में अधिशासी अधिकारी की कुर्सी खाली पड़ी है। अभी तक भी नगर पंचायत में कोई भी ईओ नहीं भेजा गया है।
नगर पंचायत ईओ विहीन होने के कारण नगर पंचायत में सभी काम ठप पड़े हुए हैं। लोग अपने कामों के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं। विकास से संबंधित कार्य ठप पड़े हुए हैं। बरसात के मौसम में लोगों को हो रही दिक्कतों को सुनने वाला कोई नहीं है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के लोग भटक रहे हैं। परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। बिजली का बिल, सफाई कंपनी के बिल आदि अटके पड़े हुए हैं। साथ ही कार्यालय से संबंधित अन्य सभी कार्य ठप पड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों ने तत्काल नगर पंचायत में ईओ की नियुक्ति की मांग की है। जिससे कि लोगों को के कार्य हो सके। अध्यक्ष नगर पंचायत सेलाकुई सुमित चौधरी ने कहा कि अधिशासी अधिकारी न होने के कारण नगर पंचायत के कागजी काम नहीं हो पा रहे हैं। जीरो वेस्ट ठेकेदार का बिल, सफाई कर्मचारियों की वेतन, बिजली का बिल, कार्यालय का बिल, किराया आदि नहीं बन पा रहे हैं। कहा कि उन्होंने शहरी विकास विभाग को पत्र लिखकर जल्द नगर पंचायत में ईओ नियुक्त करने को कहा है।
दूसरी ओर, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने सेलाकुई नगर पंचायत की बदहाल स्थिति पर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत सेलाकुई का गठन जनता की सुविधाओं और बेहतर व्यवस्था के लिए किया गया था, लेकिन हकीकत में शहर की स्थिति आज पहले से भी बदतर हो गई है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि अगर जल्द हालत नहीं सुधरे तो  सेलाकुई को नगर पंचायत से ग्राम पंचायत में शामिल करने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। मोर्चा के पछुवादून अध्यक्ष निरंजन चौहान ने कहा कि लगातार बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव, सड़कों पर गड्ढों का जाल और कूड़े के पहाड़ शहरवासियों के लिए बीमारियों का खतरा बन गए हैं। खासकर वार्ड नंबर नौ की स्थिति तो अत्यंत चिंताजनक है। खाली जमीनों पर उगी झाड़ियों के कारण सांप और अन्य जीवों का खतरा मंडरा रहा है। जनता की समस्या बार-बार बताने के बावजूद नगर पंचायत अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारियों से बचते आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो नगर पंचायत को तत्काल भंग करने और उसे दोबारा ग्राम पंचायत में शामिल करने के लिए मोर्चा आंदोलन शुरू करेगा।

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