उत्तराखंड

तैयारी में जुटी सरकार: उत्‍तराखंड में बढ़ सकते हैं ज़मीन के सर्किल रेट

देहरादून।   उत्तराखंड में कड़ा भू-कानून लागू होने और भूमि खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान के बीच राजस्व प्राप्ति की दृष्टि से राहत भरी खबर है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों में 928 करोड़ की आमदनी स्टांप एवं निबंधन से हुई है। यह कुल वार्षिक लक्ष्य का 33 प्रतिशत है। इसमें और वृद्धि तय है। पंचायत चुनाव निपट चुके हैं और प्रदेश सरकार अब सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी में है। ऐसा हुआ तो लगभग 26 प्रतिशत तक नए सर्किल रेट बढ़ सकते हैं। वर्चुअल रजिस्ट्री की सुविधा एक जनवरी, 2026 से लांच की जा रही है। इस संबंध में शासन ने स्टांप एवं निबंधन विभाग को निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में बड़े पैमाने पर भूमि खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़ा पकड़ में आ चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाने के बाद प्रदेश में विगत मई माह से कड़ा भू-कानून अस्तित्व में आ चुका है।
वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर नियम-कानून को ताक पर की जा रही भूमि की खरीद-बिक्री रोकने के लिए जिलेवार अभियान चलाया जा रहा है। इसके चलते 19 हेक्टेयर से अधिक भूमि सरकार में निहित हो चुकी है, जबकि नियम विरुद्ध खरीद-बिक्री के लिए मुकदमें दर्ज किए गए हैं। सरकार के इन तेवरों से फर्जीवाड़े पर अंकुश लगा है, लेकिन भूमि खरीद-बिक्री से होने वाली आय में गिरावट दर्ज नहीं की गई।
चालू वित्तीय वर्ष में स्टांप एवं निबंधन से 2799 करोड़ राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य है। 31 जुलाई, 2025 तक 928 करोड़ राजस्व प्राप्त हो चुका है। प्रदेश में ढाई वर्ष से अधिक समय से सर्किल रेट बढ़ाए नहीं गए हैं। इसकी तैयारी की गई थी, लेकिन पंचायत चुनाव के चलते इसे टाल दिया गया। अब इस संबंध में शासन स्तर पर पत्रावली फिर आगे बढ़ा दी गई है।
माना जा रहा है कि इसे शीघ्र मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा, ताकि नए सर्किल रेट लागू किए जा सकें। पूरे प्रदेश में लगभग 2832 सेक्टर में सर्किल रेट संशोधित होंगे। उत्तराखंड स्टांप (संपत्ति मूल्यांकन) नियमावली, 2015 के अनुसार सर्किल रेट प्रति वर्ष बढ़ने चाहिए। इससे पहले 16 फरवरी, 2023 को प्रदेश में सर्किल रेट बढ़ाए गए थे।

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