Tuesday, August 25, 2026
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उत्तराखंड

चोपता में बिछी बर्फ की चादर, शून्य से नीचे पहुंचा टेंपरेचर, जाम से टूरिस्ट परेशान

 

रुद्रप्रयाग। मिनी स्विट्ज़रलैंड के नाम से विख्यात चोपतादृदुगलबिट्टा क्षेत्र में दो दिनों तक हुई भारी बर्फबारी के बाद पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी है। बर्फ से ढके मार्गों पर लंबा जाम पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण भी बन गया है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर पर्यटकों को स्वयं ही जाम खुलवाने के लिए प्रयास करने पड़ रहे हैं।
इस वर्ष नववर्ष पर चोपता में बर्फबारी नहीं होने के कारण पर्यटन गतिविधियां ठप पड़ी थीं। जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में हुई पहली सीजन की बर्फबारी ने चोपता की रौनक एक बार फिर लौटा दी है। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े चोपतादृदुगलबिट्टा क्षेत्र पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
हालांकि, अत्यधिक बर्फबारी के कारण ऊखीमठदृचोपता मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई वाहन बर्फ में फंस गए। जिससे मार्ग पर घंटों लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन के प्रयासों के बावजूद जाम पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। जिससे पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।इतिहास में झांकें तो चोपतादृदुगलबिट्टा क्षेत्र को अंग्रेजों ने बसाया था। अंग्रेजों द्वारा निर्मित गेस्ट हाउस आज भी यहां मौजूद हैं। जिसे वर्तमान में लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ द्वारा संचालित किया जा रहा है। हर वर्ष नववर्ष पर बर्फबारी के बाद यहां बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। इस वर्ष देरी से हुई बर्फबारी के बाद भी पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है।
केदारनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे तापमान के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनी हुई है। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और रुद्रप्रयाग पुलिस के जवान कड़ाके की ठंड में भी अपने कर्तव्य पथ पर डटे हुए हैं। शीतकालीन अवधि के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे गश्त की जा रही है, ताकि सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद ने बताया ऊखीमठदृचोपतादृगोपेश्वर मंगल राजमार्ग को खोलने के लिए मशीनें लगातार बर्फ हटाने के कार्य में जुटी हुई हैं। मार्ग को सुचारु बनाए रखने और जाम की स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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