कुमाऊं में जंगल की आग का साइड इफेक्ट,धुंए के आगोश में कई इलाके
अल्मोड़ा। जंगलों में आग की घटनाओं के बाद नगर में शुक्रवार का दिन धुआं धुआं रहा। दिन भर आसमान में धुआं और धुंध छाई रही। धुंए के प्रकोप से लोग परेशान रहे। जहाँ धुंए से दृश्यता कम रही वहीं वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा रहा। नगर में सीजन में हल्की फुल्की धुंध सामान्यतया रहती है लेकिन शुक्रवार के दिन नगर के लोग धुंए से खासे परेशान रहे। खासकर बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत रही। धुंए के चलते लोगों ने आँखों में जलन की शिकायत भी बताई। बता दें कि पर्वतीय क्षेत्रों में गर्मियों में जंगलों की आग के चलते वातावरण में धुआँ छाया रहता है जिससे जनता परेशान रहती है। इस साल जंगलों में आग ने विकराल रूप धारण किया हुआ है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं पर लोग शरारत में तो कहीं समझ की कमी के चलते जंगलों में आग लगाते हैं लेकिन इसके क्या दुष्प्रभाव होंगे यह जाने बिना जंगल के जंगल ख़ाक कर देते हैं। जंगल में आग तो लगातार जारी है जिसके चलते वायु प्रदूषण बढ़ा है लेकिन जंगलों में आग लगाने वाले पकड़ से बाहर हैं।
जंगलों में आग लगने से लोहाघाट-चम्पावत क्षेत्र में भी शुक्रवार को दिनभर धुंध छायी रही। ऐसे में लोगों को सांस लेने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर बुजुर्ग और बच्चों को मुश्किल हुई। शुक्रवार को सुबह छह बजे से आसमान में धुंध सी छाई रही। पर्यावरण विदों का मानना है कि प्रदूषण बढ़ता है तो यह सांस के रोगियों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। उप जिला अस्पताल के आई सर्जन डॉ. विराज राठी ने बताया कि वायु प्रदूषण से श्वास के मरीजों को एहतियात बरतने की जरूरत होती है। ऐसे मौसम में मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए अगर वह पहले से कोई दवा ले रहे हैं तो उसे नियमित रूप से लेते रहे। अगर कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
क्वैराला घाटी के जंगल फिर आग से धधके
चम्पावत की क्वैराला घाटी के जंगल विगत रात एक बार फिर आग से धधक उठे। यहां सिप्टी, सैंदर्क, लधौली और गुरौली के जंगल में आग भड़क उठी। इससे बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग व ग्रामीणों ने मिलकर आग को बुझाया। क्वैराला घाटी के चार गांव के समीप के जंगल आग से धधक रहे हैं। स्थानीय निवासी कमल सिंह बिष्ट ने बताया कि इन जंगलों में बीते गुरुवार शाम से आग लगी हुई है। इससे पेड़, पौधे, वनस्पतियों, जीव जंतुओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बताया कि आग लगने से इलाके में धुंध छाई हुई है। इस वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही आंखों में जलन हो रही है। धुंध लगने से दृश्यता में भी कमी आ गई है। इधर नगर क्षेत्र में भी शुक्रवार को वनाग्नि की वजह से धुंध छाई रही। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वनों में लगातार लग रही आग से घाटी वाले इलाकों के तापमान में भी बढ़ोतरी हो गई है।

