एक करोड़ का इनामी मोस्ट वांटेड नक्सली हिड़मा पत्नी सहित मुठभेड़ में ढेर
आंध्र प्रदेश/छत्तीसगढ़। बार्डर क्षेत्र के जंगलों में आज सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गयी। मुठभेड़ के दौरान शीर्ष नक्सली कमांडर मादवी हिडमा और उसकी पत्नी की गोली लगने से मौत हो गयी। आज सुबह सुरक्षा बलों ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में माओदियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया था।
बता दें कि मादवी हिडमा पिछले दो दशकों से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ था. वह न सिर्फ पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था, बल्कि सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का भी सदस्य रहा था। उसकी रणनीतिक सोच और जंगलों में गुरिल्ला युद्ध की क्षमता ने उसे संगठन का सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बना दिया था।
बताया जा रहा है कि हिडमा कम उम्र में ही वह माओवादी संगठन से जुड़ गया और कमांडर बन गया। वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ के दरभा घाटी नरसंहार में वह मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 2017 में सुकमा में सीआरपीएफ पर हुए घातक हमले में भी उसका मुख्य रोल था, जिसमें 25 जवान शहीद हुए थे। उसने कम से कम 26 बड़े हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया। उस पर एक करोड़ का इनाम घोषित था। जिसकी पत्नी भी नक्सली संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी और कई ऑपरेशनों में सक्रिय रही थी।

