फंसे हुए नागरिकों के लिए खाना लेकर पहंुचे सेना के जवान
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन और पहाड़ों से मलबा आने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं हैं जिन्घ्हें खोलने काम जारी है। कई स्घ्थानों पर लोग फंसे हुए हैं। अलग-अलग जगहों पर मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कुछ के हताहत होने की भी खबर मिली। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ को बचाव कार्य में लगाया गया, जिला प्रशासन, नैनीताल ने फंसे हुए नागरिकों को बचाने के लिए तुरंत सैन्य साहयता का अनुरोध किया।गरमपानी-खैरना-कैची इलाके के पास स्थिति बहुत गंभीर थी। घाटी प्रभावित हुई थी, नदी के अत्यधिक प्रवाह के कारण इमारतें खतरे में थीं। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने गत दिवस मंगलवार को 14 डोगरा रजीमेन्ट रानीखेत को खैरना, कैची, निगलाट व रामगढ क्षेत्र में रहात बचाव कार्य के लिए वार्ता की। मेजर नरेन्द्र व मैजर कोयाक के नेतृत्व में बटालियन की ओर से तुरन्त 100 जवानों की दो रेस्क्यू टीमों को प्रभावित इलाकों में जाने के आदेश दिए गए हैं। रानीखेत से सुबह 11 बजे 100 जवानों की रेस्क्यू टीम रवाना हुई, रास्ते में सड़क जाम होने की वजह से देरी से बचाव दल दोपहर करीब तीन बजे प्रभावित स्थल पर पहुंचा, आगमन पर सेना ने स्थानीय अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली।बिना किसी देरी के भारतीय सेना के जवानों ने खैरना में फंसे लगभग 500 लोगों को पैक किया हुआ भोजन और खाने का सामान व पानी वितरित किया। बटालियन की मेडिकल रिएक्शन टीम के प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा जांच कर चिकित्सा इकाई स्थापित कर लोगों का उपचार किया गया। घिंगरीखाल बटालियन के बचाव दल की तीन उप टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने बचाव और राहत अभियान चलाया और गरमपानी और खैरना में फंसे लोगों की मदद की।

