पेट्रोल-डीजल के बाद अब Mobile Recharge भी होंगे महंगे!, कॉलिंग और डेटा प्लान के बढ़ेंगे दाम
देशभर में पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (Petrol Diesel Price Hike) होने से आम लोग चिंता में आ गए है। कई शहरों में तो पट्रोल का प्राइस 110 प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है। पहले से ही रोजमर्रा के खर्च लोगों की जेब खाली कर रहे हैं।
इसी बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर टेलीकॉम कंपनियों के खर्च पर पड़ सकता है। जिसका बोझ अंत में ग्राहरों पर डाला जा सकता है। ऐसे में खबरों की माने तो जल्द ही मोबाइल रिचार्ज प्लान (Mobile Recharge) भी महंगे हो सकते हैं।
Petrol Diesel Price Hike के बाद अब Mobile Recharge भी होंगे महंगे!
दरअसल, मोबाइल नेटवर्क को फक्शन करने के लिए हजारों टावर लगातार काम करते हैं। इन टावरों को बिजली और डीजल चाहिए होता है चलाने के लिए। रिपोर्ट्स की माने तो किसी मोबाइल टावर के टोटल ऑपरेटिंग खर्च का करीब 40 पर्सेट बिजली और ईंधन पर खर्च किया जाता है। ऐसे में हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी के बाद टावर ऑपरेट करने की लागत पर भी खर्च हो सकता है।
Telecom Company पर पड़ रहा ईंधन महंगा होने का असर
सबसे बड़ी चुनौती टेलीकॉम कंपनियों की ये है कि देशभर में फैले नेटवर्क को उन्हें बिना रूके चालू रखना पड़ता है। कई दूरदराज इलाकों में तो डीजल जनरेटर पर कई टावर निर्भर है। ईंधन महंगा होने का सीधा असर कंपनियों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स की माने तो अब दाम में बढ़ोतरी के बाद हर साल डीजल में कंपनियां सैकड़ों करोड़ अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं।
5G Network को हाई पावर सपोर्ट की जरूरत
ये स्थिति इसलिए भी ज्यादा गंभीर बन गई है क्योंकि देश में 5G नेटवर्क फैल रहा है। ऐसे में 5G के टावर पुराने नेटवर्क से ज्यादा बिजली खाते हैं। लगातार इन्हें हाई पावर सपोर्ट की जरूरत होती है। जिसका मतलब ये है कि कंपनियों का ऑपरेशन खर्च भी बढ़ सकता हैं।
Tarrif बढ़ाने पर विचार कर रही कंपनिया
इसके साथ ही ग्लोबल सप्लाई चेन में चल रही दिक्कतें टेलीकॉम सेक्टर को भी प्रभावित कर रही हैं। नेटवर्क उपकरणों, बैटरी और दूसरे जरूरी हार्डवेयर का खर्च पहले से ही बढ़ चुका है। ऐसे में कंपनियां काफी समय से टैरिफ बढ़ाने पर विचार कर रही है। हालांकि ये फैसला अब माना जा रहा है कि बहुत जल्द आ सकता है।
कॉलिंग और Data Plan होंगे महंगे!
अगर ऐसा हुआ तो जल्द ही यूजर्स को कॉलिंग और डेटा प्लान के लिए भी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेगे। यानी की बात साफ है कि पेट्रोल-डीजल के बाद मोबाइल रिचार्ज भी आम लोगों का बजट खराब कर सकता है।
