धामी बोले: चारधाम यात्रा राज्य की लाइफलाइन, नकारात्मकता से बचें
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान, कहा कि इस समय हमारे प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है। लेकिन कुछ लोग रील बनाकर इसे राजनीति की भेंट चढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से कहा कि वे सरकार का विरोध कर सकते हैं, बीकेटीसी का भी विरोध हो सकता है, लेकिन हमारी पवित्र चारधाम यात्रा का विरोध न करें।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम तो महादेव का स्थल है, सरकार यात्रा को हर तरह से सकुशल संपन्न कराने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा हमारी सामूहिक आस्था की कठिन यात्रा है। ये यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी के लिए भी लाइफलाइन का काम करती है। इसलिए नकारात्मक बातों से चारधाम यात्रा का विरोध न करें, बल्कि यात्रा और यात्रियों को प्रोत्साहन प्रदान करें।
प्रदेश में गैस संकट नहीं
मुख्यमंत्री ने गैस को लेकर उठाए गए प्रश्न पर स्पष्ट किया प्रदेश में गैस किल्लत नहीं है, इस बारे में उनकी एक दिन पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस समय पश्चिम एशिया में युद्ध चल रहा है। युद्ध मात्र भारत की चुनौती नहीं है बल्कि पूरी दुनिया इससे प्रभावित है। लेकिन हमारे पास प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी जैसा नेतृत्व है। जिनके नेतृत्व में दुनिया पर छाए युद्ध के बादल के बीच भारत में उत्सव मनाए जा रहे हैं।
उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना के समय भी दुनिया ने भारत को लेकर ऐसी ही आशंका व्यक्त की थी कि भारत इस महामारी से नहीं संभल पाएगा। लेकिन बाद में भारत ने न सिर्फ महामारी पर सबसे पहले अंकुश प्राप्त किया, बल्कि 100 से अधिक देशों को वैक्सीन भिजवाकर उन्हें भी इस संकट से बाहर निकालने का काम किया।
मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को मिले आधुनिक शिक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कहा कि प्रदेश में सभी लोग प्रेमपूर्वक रहते हैं। यहां सभी में सद्भाव है। उन्होंने कहा राज्य सरकार – सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के ध्येय के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा सबको शिक्षा का अधिकार मिले, इसके अंतर्गत मदरसा बोर्ड पर कार्य किया गया है। सीएम धामी ने कहा कि शिक्षा के मामले में समाज को न बांटा जाए। सरकार किसी को भी शिक्षा के नाम पर बांटना नहीं चाहती। आपसी सद्भाव को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। सभी को शिक्षा का अधिकार मिले, इस दिशा में काम कर रहे हैं।
शिक्षा के मामले में न अल्पसंख्यक और न कोई बहुसंख्यक है। मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक और अच्छी शिक्षा , साइंस एंड टेक्नोलाजी, इनोवेशन, एआइ का लाभ मिले, इसके लिए काम किया गया है। विरासत और इतिहास से सबक लेते हुए हम आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। अगर इतिहास में कुछ अच्छा नहीं हुआ है तो उसे भी बताना पड़ेगा।
हमारी सरकार में ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय बढ़ा
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार में ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को उम्मीद भी उनकी सरकार से है। उन्होंने कहा भविष्य में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मांग को हम लोग ही पूरा करेंगे।
