पुलिस ने तीर्थनगरी में नशा माफिया का नेटवर्क किया ध्वस्त, कई पेशेवर तस्कर पहुंचाए गए सलाखों के पीछे
ऋषिकेश। नशे के कारोबार पर नकेल कसते हुए ऋषिकेश और मुनिकीरेती पुलिस ने महज दो माह के भीतर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नशा माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए न सिर्फ उनका नेटवर्क तहस-नहस किया है बल्कि माफिया समेत उनके गुर्गों को भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। दरअसल, ऋषिकेश व सटे इलाकों में नशीले मादक पदार्थों की बिक्री पर पुलिस कार्रवाई में जुटी थी। इसके बाद भी हिस्ट्रीशीटर बाज आने को तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने चुन-चुनकर माफिया के खिलाफ कार्रवाई की। बीते साल दिसंबर में हिस्ट्रीशीटर गुरुचरण निवासी ऋषिकेश को जेल भेजा। उस पर एनडीपीएस और आबकारी ऐक्ट समेत 49 मुकदमे दर्ज हैं। फरवरी में मुनिकीरेती पुलिस ने एनडीपीएस समेत 16 मामलों में हिस्ट्रीशीटर रेखा साहनी निवासी चंद्रेवरनगर ऋषिकेश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद टिहरी जेल भेजा। उसके गुर्गे गोपाल उर्फ गोपाली निवासी ऋषिकेश को भी गैंग सदस्य के रूप में जेल भेजा गया। इसके अलावा पुलिस ने 19 मुकदमों का हिस्ट्रीशीटर मार्कंडेय जायसवाल, रेखा साहनी का बेटा रोहित और सुरेश सभी निवासी चंद्रेश्वरनगर ऋषिकेश पर भी गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की। मार्कंडेय और सुरेश पहले से ही लूट के मामले में टिहरी जेल में बंद थे। लूट में जमानत पर बाहर आए रोहित को गिरफ्तार कर उसे फिर कारागार भेज दिया गया। मालूम हो कि, रेखा, गुरुचरण और मार्कंडेय को स्मैक की बिक्री के मामले में दबोचा गया है। वहीं, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से ऋषिकेश और इससे सटे इलाकों में स्मैक के कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद जगती दिख रही है।

