जखोली में कृषि विकास की नई पहल; उन्नत किस्म के पौधों का वितरण और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

रुद्रप्रयाग। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से विकासखंड जखोली के सभागार कक्ष में उन्नत कृषि एवं बागवानी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर प्लांट बायोटेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किसानों को फल एवं सब्जियों के पौधों का वितरण किया गया और आधुनिक तकनीक से खेती करने के गुण सिखाए गए।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए परिसीमन क्षेत्र के 75 किसानों को 300 उन्नत पौधे वितरित किए गए। वहीं, नगदी फसल को बढ़ावा देने के लिए 25 किसानों को 250 कीवी के पौधे और 60 काश्तकारों को टमाटर के 25,000 पौधे प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, ग्राम गोरती, भंणगा, कोटि, भटवाड़ी में धान कुटाई के आधुनिक संसाधनों और तकनीकों पर विशेष चर्चा की गई।
एनआईपीबी के निदेशक डॉ आरसी. भट्टाचार्य ने कहा कि नई तकनीक और हाइब्रिड बीजों के प्रयोग से पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि क्रांति लाई जा सकती है। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आशीष गुप्ता, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दीपक सिंह बिष्ट और डॉ. शबाना बेगम ने मिट्टी के स्वास्थ्य, कीट नियंत्रण और टमाटर व कीवी की खेती में आने वाली बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कृषि उद्यमी निर्मल तोमर ने किसानों को स्वरोजगार और बाजार प्रबंधन के गुर सिखाए। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख विनीता चमोली, कनिष्ठ प्रमुख राजेन्द्र सिंह रावत और पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने वैज्ञानिकों का स्वागत किया और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने को लेकर प्रेरित किया। इस दौरान पूर्व प्रधान एवं संगठन अध्यक्ष जखोली महावीर पंवार, प्रधान ललूड़ी ज्योति देवी, प्रधान गोरती रश्मि देवी, और प्रधान भटवाड़ी उम्मेंद लाल, जितेंद्र लाल, विनोद मनोहर ममगाईं, संतोष भणगा, शांति लाल शाह, प्रेम लाल शाह, नरेंद्र चौहान, महेंद्र राज भट्ट और हयात सिंह राणा सहित अन्य मौजूद थे।

