केदारघाटी में भी होने लगा है भालू सक्रिय, ग्रामीणों में फैली ख़ौफ़ की लहर

गौशाला में घुसकर बैल पर किया जानलेवा हमला, दर्जनभर मवेशी बन चुके हैं निवाला
रुद्रप्रयाग। जनपद की केदारघाटी क्षेत्र में भालू का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। भालू अब जंगलों से निकलकर गांवों की गोशालाओं में घुसकर मवेशियों पर जानलेवा हमले कर रहे हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
बीती रात केदारघाटी के पाब-जगपुड़ा गांव में एक भालू ने गौशाला में बंधे बैल पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार भालू ने गौशाला का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और नाखूनों व दांतों से बैल को बुरी तरह जख्मी कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह भालू को भगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से भालू की सक्रियता लगातार बढ़ रही है और अब तक दर्जनभर से अधिक मवेशियों पर हमला हो चुका है। बार-बार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी दहशत है और रात के समय गोशालाओं व घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, भालू को आबादी से दूर भगाने और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्राम प्रधान पाब जगपुडा विनोद सिंह ने बताया कि बीती रात ग्राम पाब में भालू ने लक्ष्मण सिंह पुत्र स्व धूम सिंह के बैल को अपना निवाला बना दिया। क्षेत्र में अभी तक 10 से 12 जानवरों को भालू मार चुका है। उन्होंने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने के साथ ही शासन-शासन से मामले में उच्च स्तर पर कार्यवाही करने की मांग की है।
वहीं, प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि केदारघाटी में लगातार भालूओं का आतंक देखा जा रहा है। क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जबकि रात्रि गश्त में टीमें लगी हुई हैं। भालुओं के घटना के तुरंत बाद लोकेशन बदलने से दिक्कतें हो रही हैं, बावजूद इसके भालुओं को पकड़ने के साथ गांव के नजदीक ना आने को लेकर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

