उत्तराखंड

गुलदार के बढ़ते हमलों से दहशत में डूबे ग्रामीणों ने तहसील पर किया प्रदर्शन

 

पौड़ी। पोखड़ा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गुलदार की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को चौबट्टाखाल तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन प्रशासन से इस मामले में कड़े कदम उठाने की मांग की है। साथ ही तहसीलदार के माध्यम से सीएम और वन मंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्या हल करने की गुहार लगाई। मंगलवार को डिग्री कॉलेज चौबट्टाखाल से होते हुए जनप्रतिनिधि और ग्रामीण तहसील मुख्यालय तक जुलूस की शक्ल में पहुंचे। यहां पहुंचकर जनप्रतिनिधियों ने गुलदार की घटनाओं पर रोष जाहिर किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि गांवों के आसपास गुलदार का आतंक बढ़ता ही जा रहा है, इससे लोग खेतों और रास्तों पर जाने से भी डर रहे हैं। सीएम और वन मंत्री को भेजे ज्ञापन में मांग की कि गांवों से सटे 100 मीटर क्षेत्र को गुलदार मुक्त बनाया जाए। झाड़ियां और अनावश्यक उग आए पेड़-पौधों की सफाई हो। मुख्य मार्गों और स्कूलों तक जाने वाले रास्तों के किनारों की झाड़ियों को भी हटाया जाए। संवेदनशील गांवों में प्राथमिकता के आधार पर जालीनुमा बाढ़ कराई जाए और सुरक्षा चाहने वाले ग्रामीणों को बंदूक का लाइसेंस मिले। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जंगलों में वन्यजीवों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था वन विभाग करे ताकि वे रिहायशी इलाकों की ओर न आएं। बाघ और गुलदार की गिनती होनी चाहिए व उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए कॉलर आईडी जैसी कोई सुविधा भी। अवैध शिकार रोकने के लिए पेट्रोलिंग टीम गठित होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जानवरों के हमले में मृत्यु होने पर परिवार को कम से कम 25 लाख का मुआवज़ा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। जबकि घायल व पशु हानि पर भी उचित मुआवज़ा देना चाहिए। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में ब्लाक प्रमुख पोखड़ा संजय सिंह गुंसाई, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य पूनम कैन्तुरा, बलवंत सिंह, कांग्रेस प्रदेश सचिव कविन्द्र ईष्टवाल, सुधीर ,दिग्विजय सिंह रावत, लाल सिंह भंडारी, यशपाल सिंह, गिरधारी सिंह, राजे सिंह ,मातवर सिंह आदि सहित महिला मंगल दल आदि भी शामिल रहे।

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