अपराध

राजधानी में अवैध शराब के गोदाम का भंडाफोड़, यूपी के तीन तस्कर गिरफ्तार

 

देहरादून। बाहरी राज्यों से तस्करी कर नेहरू कालोनी क्षेत्र में अवैध शराब का गोदाम का खुलासा किया है। इसके साथ ही उसे संचालित करने वाले तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 30 पेटी अंग्रेजी शराब, भारी मात्रा में अन्य सामान व एक ट्रक भी बरामद किया गया है। हालांकि मामले में एक आरोपी फरार है जिसकी तलाश जारी है। आरोपी बाहरी प्रदेशों से अवैध शराब की तस्करी कर उस पर उतराखंड प्रदेश के स्टीकर व मोनोग्राम लगाकर उतराखंड सरकार को राजस्व का चूना लगा रहे थे।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते रोज थाना नेहरू कालोनी पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में कुछ शराब तस्कर अवैध शराब की सप्लाई हेतु आने वाले हैं। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने क्षेत्र में चैकिंग अभियान चला दिया। इस दौरान पुलिस ने साकेत काॅलोनी अजबपुर में एक यूटीलिटी वाहन को रोका। उसकी तलाशी ली गयी तो उसमें रखी 15 पेटी अवैध शराब मैकडावल बरामद हुई। पूछताछ करने पर चालक द्वारा बताया गया कि उक्त शराब की पेटियों को वह साकेत काॅलोनी स्थित एक मकान से लाया है, जिस पर पुलिस टीम ने आरोपी द्वारा बताये गये मकान की घेराबन्दी कर छापेमारी की। मकान में मौजूद 2 व्यक्ति पुलिस को देख कर भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें पुलिस द्वारा मौके पर पकड़ लिया गया। मकान की तलाशी में पुलिस टीम को मौके से 15 पेटी अवैध शराब मैकडोवल , शराब की अलग-अलग ब्रान्डों के उत्तराखंड के स्टीकर व उत्तराखंड शासन के मोनोग्राम तथा अन्य सामग्री बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम फईम पुत्र फुरकान, निवासी भुड्ढी, थाना मंडावली, जिला बिजनौर, उ.प्र., अहसान पुत्र शाबिर, निवासी टीप, थाना मंडावर, जिला बिजनौर, उ.प्र. व मोहसिन पुत्र लियाकत, निवासी नया गांव, थाना मंडावली, जिला बिजनौर, उ.प्र. बताया। बताया कि उनके द्वारा साहिल नाम के व्यक्ति के लिए यह काम किया जाता है। वे सभी उक्त अवैध शराब को साहिल द्वारा बताए स्थानों पर सप्लाई करते हैं। साहिल द्वारा हरियाणा/ चंडीगढ़ से सस्ते दामों पर अलग-अलग ब्रान्डों की अवैध शराब को खरीदकर देहरादून लाया जाता है तथा उनके द्वारा उन शराब की बोतलों पर लगे अलग-अलग ब्रान्डों के स्टीकर व मोनोग्राम हटाकर उतराखंड राज्य के स्टीकर व मोनोग्राम लगाये जाते हैं, जिससे वे उक्त शराब को आसानी से उत्तराखंड में बेच सकें। उक्त शराब को उनके द्वारा सब्जी की खाली कैरेट में रखकर यूटीलिटी के माध्यम से देहरादून व अन्य जनपदों में ऊचे दामों पर बेचा जाता है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो जाता है।

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