भिलंगना के 3 गांवों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
नई टिहरी। मूलभूत सुविधाओं को लेकर भिलंगना ब्लॉक के तीन गांवों ने आगामी विधानसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर उन्हें छलने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उनके गांव उक्त सुविधाओं से वंचित है। चुनाव के समय प्रत्याशी बड़े-बड़े वायदे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद क्षेत्र में नजर भी नहीं आते। हर बार उन्हें छलने का ही काम किया जाता रहा है।
सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य व दूरसंचार सुविधाओं से वंचित भिलंगना ब्लॉक के सेंदुल, समनगांव व पिलखी के ग्रामीणों ने 15 फरवरी को होने जा रहे विधानसभा चुनाव का बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे पहले भिलंगना ब्लॉक व तहसील मुख्यालय से महज चार किमी की दूरी पर बसा सेंदुल गांव की बात की जाए तो वहां पर वर्षों से पेयजल व दूरसंचार सुविधा का संकट बना हुआ है। कई बार ग्रामीण पेयजल के लिए आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका स्थाई समाधान नहीं किया जा सका है। यही स्थिति दूरसंचार की भी है, गांव में मोबाइल नेटवर्क न होने से कोरोनाकाल में वहां के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जगह-जगह मोबाइल नेटवर्क के लिए भटकना पड़ रहा है। वही भिलंग पट्टी के समन गांव में सड़क का निर्माण होने के बाद भिलंगना नदी पर दो वर्षों से मोटर पुल न बनने से ग्रामीणों को पैदल ही जाना पड़ रहा है।
पिलखी गांव की बात करें तो वहां पर पीएचसी पिलखी का उच्चीकरण की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने दो वर्ष पूर्व अपनी 8 नाली सिंचित भूमि दान दी, लेकिन अस्पताल का उच्चीकरण आज तक नहीं हो पाया है। पिलखी की क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्णा गैरोला, सेंदुल की प्रधान सविता मैठाणी व समन गांव के पूर्व प्रधान राजेन्द्र सेमवाल ने सरकार व जनप्रतिनिधयों पर बार-बार छले जाने का आरोप लगाते हुए आगामी चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।

