इक्कीस सालों से फ़रार धोखाधड़ी का आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
रुड़की। शहर पुलिस ने 21 साल से फरार चल रहे धोखाधड़ी के मुलजिम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। रुड़की कोतवाली के मुताबिक, 2003 में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। सेना की ओर से मिली तहरीर में बताया गया था कि सेवा में भर्ती कराने के नाम पर धोखाधड़ी कर रकम ऐंठी जा रही थी। पुलिस ने मिलान मंडल, निवासी गांव छोटा चांदघर, पोस्ट बड़ा चांदघर, थाना कोतवाली कलीगंज, तहसील कृष्णानगर, जिला नादिया पश्चिम बंगाल और सदन मंडल के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था। करीब 21 साल से दोनों मुलजिम मुकदमे में फरार चल रहे थे। लेकिन अब कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए तो पुलिस हरकत में आई, जिसके बाद धोखाधड़ी में शामिल मिलान मंडल की धरपकड़ के लिए ताना-बाना बुना गया। उपनिरीक्षक अकरम अहमद और कांस्टेबल रंग मोहन के नेतृत्व में एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई। बीती रात सूचना के आधार पर मिलान मंडल को घर पहुंचकर धर दबोचा गया। शुक्रवार को पेशी के बाद आरोपी को न्यायिका अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर आरके सकलानी ने बताया कि मिलान मंडल और सदन मंडल के खिलाफ सेना के नाम पर भर्ती कराने के आरोप में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। मिलान मंडल की गिरफ्तारी हो चुकी है।

