खाद्य विभाग की लापरवाही आई सामने, पनीर के सैंपल फेल होने के बावजूद व्यवसायी पर कार्रवाई नहीं
ऋषिकेश। खाद्य एवं सुरक्षा महकमे के अधिकारी नकली पनीर बनाने वाले आरोपियों पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। गौरतलब है कि हरिपुरकलां में नकली पनीर बनाने वाले प्लांट पर विभाग ने छापेमारी की थी। विभागीय टीम द्वारा प्लांट से लिए गए पांच सैंपल फेल होने के बावजूद अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। बीते 29 जून को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गढ़वाल उपायुक्त आरएस रावत के नेतृत्व में हरिपुरकलां सूखी नदी के पास एक पनीर प्लांट में छापेमारी की थी। मौके पर टीम को भारी मात्रा में नियम विरुद्ध हानिकारक पदार्थ मिले। टीम ने प्लांट से करीब 3 क्विंटल पनीर, 80 किलो आरारोट, 60 लीटर एसेटिक एसिड, 10 लीटर पॉम ऑयल बरामद किया। टीम ने मौके से पांच सैंपल जांच के लिए भेजे, जिनमें पनीर के 3, पॉम ऑयल 1 और 1 एसेटिक एसिड का नमूना लिया गया। जांच में पनीर के तीनों सैंपल फेल हो गए हैं। कारोबारी पंकज त्रिपाठी से प्लांट में एसेटिक एसिड और पॉम ऑयल रखने की भी पुष्टि हुई है। बावजूद इसके देहरादून जनपदीय अधिकारी नकली पनीर बनाने वालों पर कार्रवाई करने की हिम्मत नही जुटा पा रहे हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री सविता व रायवाला भाजपा मंडल अध्यक्ष शिवानी ने नकली पनीर बनाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नकली पनीर बनाने व क्षेत्र में इसकी सप्लाई होने से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने की बजाय आरोपी को मोहलत देने में लगे हैं। एफडीए देहरादून के अभिहित अधिकारी पीसी जोशी ने कहा कि हरिपुरकलां में छापेमारी के दौरान लिए गए सैंपल फेल हो गए थे। प्लांट संचालक को 30 दिन तक अपील करने का मौका दिया गया है। अभी तक उनके द्वारा कोई अपील नहीं की गई है। नियमानुसार आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।

