एडिशनल एसपी के आंगन में खड़े चंदन के पेड़ काटकर ले गए चोर
चोर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
श्रीनगर। उत्तराखंड में लगता है कि चोरों के अंदर पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। तभी तो अब चोर पुलिस के घर में भी हाथ डालने से नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला पौड़ी जिले के श्रीनगर से सामने आया है। यहां चोरों ने पुष्पा फिल्म की स्टाइल में एडिशनल एसपी के आवास में धावा बोला और रात के घुप अंधेरे बड़े-बड़े चंदन के पेड़ों पर आरी चलाकर उन्हें साफ कर दिया। एडिशनल एसपी के घर में धावा बोलने वाले चोर कितने शातिर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने घर में चोरी करने के लिए वो रास्ता चुना पर जहां पर कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। इसीलिए अभीतक चोरों की पहचान नहीं हो पाई है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के पास पेट्रोल पंप के निकट उत्तराखंड वन विभाग में रेंजर रहे स्वर्गीय दर्शन लाल का घर है। दर्शन लाल के बेटे प्रकाश चंद आर्य एडिशनल एसपी हैं। बताया जा रहा है कि प्रकाश चंद आर्य के घर में चंदन के पेड़ लगे हुए थे, जिन पर रात में किसी ने आरी चला दी और काटकर अपने साथ ले गए। किराएदारों को इसकी खबर सुबह लगी।एडिशनल एसपी प्रकाश चंद आर्य के किराएदार मनोज कुमार ने बताया कि रात को वो सोए हुए थे। तभी चंदन के पेड़ों को काटा गया। सुबह उठकर उन्होंने देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने फोन पर मामले की जानकारी प्रकाश चंद आर्य को दी। इसके बात उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वारदात के बारे में जानकारी ली। इस बारे में श्रीनगर कोतवाल रवि सैनी का कहना है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
3333333333
अवैध कटान को लेकर 11 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
देहरादून। चकराता में अन्धाधुंध करे गये हरे पेड़ों के अवैध कटान के मामले में प्रमुख वन संरक्षक ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए है। जिसके बाद मुख्य वन संरक्षण गढ़वाल नरेश कुमार की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी एक महीने में अन्दर वन मुख्यालय केा अपनी रिपोर्ट दे देगी। विभाग की ओर से चकराता वन प्रभाग की विभिन्न रेंजों में जल्द तलाशी अभियान भी शुरू करने के निर्देश दिए गये हैं।
जैसा कि आपकों मालूम है कि एक तरफ सरकार देवभूमि में हरियाली के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर रही है वहीं चकराता में बड़े स्तर पर हरे पेड़ों पर बेदर्दी से आरियां चली हैं। आपको जनकर हैरत होगी कि हेर पेड़ काटने वाली जांच भी उसे दे दी गई जो पहले ही हरे पेड़ों पर आरियां चलवा चुका है। ये हास्यापद नहीं है कि क्षेत्र में पेड़ों को काटे जाने के बाद विभाग की आरे से अवैध कटान मामले में जांच उस वन प्रभाग के अधिकारियों को दी गई थी जिसके वन प्रभाग क्षेत्र में पेड़ काटे गए थे।
इससे विभाग की जांच पर सवाल खड़े हो रहे थे। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की अध्यक्षता में गठित जांच समिति में वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी, वन संरक्षक शिवालिक वृत्त देहरादून, प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार वन प्रभाग, प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी वन प्रभाग, उप प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी वन प्रभाग, वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश, वन क्षेत्राधिकारी मसूरी, वन क्षेत्राधिकारी टिहरी और वन क्षेत्राधिकारी शिवपुरी को शामिल किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि चकराता और टौंस वन प्रभाग के क्षेत्रीय स्टाफ को छोड़कर अन्य क्षेत्रीय स्टाफ को जरूरत के हिसाब जांच में सहयोग के लिए रखना तय करें। मुख्य वन संरक्षण गढ़वाल नरेश कुमार ने उनकी अध्यक्षता में जांच टीम गठित होते ही संबंधित अधिकारियों की चार सितंबर को वन मुख्यालय में बैठक बुलाई है। मुख्य वन संरक्षक ने जारी निर्देश में कहा, मामले की जांच के लिए वन प्रभाग की विभिन्न रेंजों में काॅम्बिंग आॅपरेशन शुरू किया जाएगा। चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज सहित अन्य रेंजों और बीटों में भी पेड़ों के अवैध कटान की संभावना है। बैठक में तलाशी अभियान शुरू करने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
