अतिक्रमण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, बस्तीवासियों को मिली 2 मई तक राहत

 

जमीन की स्टेटस रिपोर्ट के लिए रेलवे व सरकार ने मांगा और समय

देहरादून। हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण के मामले में प्रभावित लोगों को आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद 2 मई तक की राहत और मिल गई है।
उल्लेखनीय है कि नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा 29 दिसंबर को अपने फैसले में रेलवे व स्थानीय प्रशासन को 1 सप्ताह में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, जिसे लेकर स्थानीय लोग व कई राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। उनका कहना था कि यहां कई दशकों से लोग रह रहे हैं स्कूल बने हैं, अस्पताल बने हैं, लोगों के राशन कार्ड बने हैं, आधार कार्ड बने हैं और लोग बिजली-पानी के बिलों का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में एक सप्ताह के नोटिस पर 50 हजार लोगों की आबादी को कैसे बेघर किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 5 जनवरी को हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई के लिए 7 फरवरी की तारीख तय करते हुए रेलवे व सरकार से बनभूलपुरा की जमीन का सर्वे कर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया था। सरकार की अतिक्रमण हटाने से बेघर होने वालों के लिए क्या योजना है? इस पर भी पूछा गया था।
आज जब इस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो सरकार और रेलवे की तरफ से अपना पक्ष रखने के लिए कुछ और समय मांगा गया, जिसे अदालत ने व्यावहारिक मानते हुए 8 सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई के लिए 2 मई की तिथि तय कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि तब तक हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे भी लागू रहेगा।

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