एसटीएफ के हत्थे चढ़ा वन तस्कर, कैंटर में लदे 190 टिन अवैध लीसा के साथ गिरफ्तार

देहरादून। एसटीएफ ने 190 टीन लीसा के साथ एक को गिरफ्तार कर लिया जबकि उसका दूसरा साथी भागने में कामयाब हुआ। इसकी जानकारी देते हुए एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से लीसा की तस्करी भी की जा रही है। उनके द्वारा ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिये एसटीएफ की टीमों को निर्देश दिये गए थे। गत रात्रि सीओ एसटीएफ सुमित पांडे एवं प्रभारी निरीक्षक एमपी सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ टीम के द्वारा हल्द्वानी क्षेत्र से एक लीसा तस्कर को गिरफ्तार किया गया जबकि एक तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। उनके कब्जे से एक कैंटर वाहन में लदा 190 टिन लीसा बरामद किया गया है। उक्त मामले में हल्द्वानी वन विभाग में दोनों तस्करों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41,42,51व 52 तथा अन्य वन उपज अधिनियम 1976 की धारा 4, 10, 13 और 14 में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि गत रात एसटीएफ कार्यालय देहरादून को सूचना मिली थी कि एक वाहन कैंटर संख्या यूके 04 सीए 8990 में सोमेश्वर क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध लीसा लाया जा रहा है, जिस पर एसटीएफ टीम द्वारा उक्त वाहन को रामपुर रोड स्थित पंचायत घर के पास अचानक छापा मारकर पकड़ लिया, जिसमें बैठे लीसा तस्कर जगमोहन तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। परन्तु कार्यवाही के दौरान वाहन चालक शोभन सिंह, निवासी पहाड़पानी धानाचुली, जनपद अल्मोड़ा अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। उसकी गिरप्तारी हेतु एसटीएफ की टीमें दबिश दे रही हैं। दोनों तस्करों द्वारा अवैध लीसे को वाहन में खड़िये के कटृों के नीचे छिपाकर लाया जा रहा था। पकड़े गये तस्कर जगमोहन तिवारी जो कि वाहन स्वामी भी है, ने पूछताछ में बताया कि यह लीसा वह और उसका ड्राइवर शोभन जनपद अल्मोड़ा के सोमेश्वर क्षेत्र से लाए हैं। गिरफ्तार तस्कर जगमोहन तिवारी, जो कि काफी समय से लीसा तस्करी का अपराध कर रहा था के विरुद्ध पूर्व में हल्द्वानी में लीसा तस्करी का एक मुकदमा तथा वर्ष 2017 में शराब तस्करी का एक मुकदमा दर्ज है। अब एसटीएफ इस मामले में उन लोगों की भी जानकारी जुटा रही है जिनके द्वारा अवैध रूप से वन संपदा लीसे का उपयोग और भारी मात्रा में क्रय विक्रय किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *