68 लाख की ठगी करने वाले को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
देहरादून। विभिन्न स्टाक ट्रेडिंग व शेयर मार्केट के नाम पर 68 लाख रुपये की ठगी करने वाले को एसटीएफ ने भोपाल से गिफ्तार करने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
गुरुवार को यहां एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ दिवस पूर्व एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ जिसमें देहरादून निवासी शिकायतकर्ता को अज्ञात साईबर फ्रॉड मेलिसा नामक महिला द्वारा व्हाट्सएप से वादी के व्हाट्सएप नंम्बर पर मैसेज कर एक ब्लैक रोक इंवेस्टर एलांइस नामक व्हाटसएप ग्रुप से जोड़ना जिसमें किसी एस रामजी को भी ब्लैक रोक इंडिया का चीफ स्टोक एनालाइसीस एवं शेयर मार्केट एक्सपर्ट कहकर जोड़ना जिसके बाद उक्त एस रामजी के द्वारा ग्रुप में शेेयर मार्केट ट्रेडिंग के विषय में क्लास देते रहना व उक्त मेलिसा नामक महिला द्वारा लिंक के माध्यम से एक दूसरे व्हाट्सएप ग्रुप एंगल ब्रोकिंग कस्टमर केयर में जोड़कर एक एंगल वन कम्पनी का एप बताकर एंगल एप्प डाउनलोड कराकर शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर व विश्वास में लेकर भिन्न-भिन्न लेन-देन के माध्यम से लगभग 68 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी। इस शिकायत के आधार पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन पर मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी जांच साइबर थाने के निरीक्षक देवेन्द्र सिंह नबियाल के सुपुर्द की गयी। पुलिस टीम द्वारा पूर्व में जांच / साक्ष्य संलकन के आधार पर 02 आरोपियों विकास त्रिवेदी पुत्र संतोष त्रिवेदी, निवासी गोपालनगर, किदवई नगर, खानपुरनगर उत्तर प्रदेश तथा अभिषेक मिश्रा पुत्र वी.के.मिश्रा निवासी संजय गांधी नगर, नौबस्ता कानपुर नगर उत्तर प्रदेश को धारा 41क सीआरपीसी के नोटिस तामील कराये गये थे। पुलिस टीम द्वारा गहन तकनीकी विश्लेषण व साक्ष्य संकलन कर मुकदमें में एक अन्य आरोपी सनमान सिंह पुत्र सरदार सिंह निवासी मदर इण्डिया कालोनी, ईदगाह हिल्स, थाना शाहजनाबाद, भोपाल, मध्य प्रदेश को भोपाल मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी कम्पनी तैयार कर स्वंय को विभिन्न शेयर मार्केट / स्टॉक ट्रेडिंग कम्पनी के अधिकारी / कर्मचारी बताते हुए आम जनता की गाढ़ी कमाई को हड़पने हेतु व्हाट्सएप कॉल व मैसेज कर स्टॉक ट्रेडिंग / शेयर मार्केट में निवेश की जानकारी देकर लाभ कमाने का प्रलोभन दिया जाता है व उन्हें विश्वास में लेकर विभिन्न फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर लिंक के माध्यम से विभिन्न एप्प डाउनलोड कराकर इन्वेस्टमेण्ट के नाम पर धोखाधड़ी की जाती है तथा धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि का प्रयोग करते हैं। एसटीएफ ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

