हाईकोर्ट ने अब्दुल मलिक को जमानत देने से किया इंकार, फरवरी 24 से है जेल में बंद
हल्द्वानी। हल्द्वानी दंगों के कथित मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल मलिक को हाईकोर्ट ने सोमवार को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने प्रदेश सरकार से आरोपी पर लगे सभी आरोपों का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है। वहीं, हल्द्वानी दंगे के तीन अन्य आरोपियों दानिश मलिक, जुनैद और अयाज अहमद को जमानत प्रदान की गई। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में कुल 16 मामलों की सुनवाई हुई। इसी दौरान हल्द्वानी नगर निगम के पूर्व पार्षद जीशान परवेज उर्फ सेबू को जमानत नहीं दी गई। मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की ओर से जमानत की मांग करते हुए दलील दी गई कि वह निर्दोष है और घटना के दिन मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। इसके अलावा, उनका कहना था कि वह वरिष्ठ नागरिक हैं और पिछले वर्ष फरवरी से जेल में बंद हैं। सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि मलिक मुख्य साजिशकर्ता हैं और उन पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा किया और जब प्रशासन की टीम वहां पहुंची तो उन पर हमला किया गया। अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इंकार करते हुए सरकार को निर्देश दिए कि वह अदालत में आरोपी पर लगे सभी आरोपों का विवरण पेश करे। सभी आरोपियों के मामलों में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

