Saturday, August 15, 2026
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अपराध

हरिद्वार में आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र ने गंगा में कूदकर की आत्महत्या, साथी छात्रों में भारी आक्रोश

हरिद्वार। हरिद्वार में आयुष छात्र ने गंगा में कूदकर जान दे दी। उसके कमरे से मिले सुसाइड नोट में जीवन से हताश होने का जिक्र है। दूसरी ओर, इस घटनाक्रम के बाद साथी छात्रों में आक्रोश है। वे इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान यशपाल (21) पुत्र पुष्पेंद्र पाल के रूप में हुई। वह शाही भवन इंदिरानगर गोरखपुर यूपी का निवासी था और हरिद्वार के मायापुर स्थित विकास कॉलोनी में किराये पर रह रहा था। यशपाल ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस द्वितीय वर्ष का छात्र था। शुक्रवार सुबह वह कमरे से निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। चिंतित परिचितों ने पुलिस को बुलाया। इसके बाद कमरे की तलाशी ली गई, जहां से सुसाइड नोट मिला। इस सुसाइड नोट में यशपाल ने लिखा था कि वह जीवन में कुछ हासिल नहीं कर पाया और इसी कारण निराश है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई। शनिवार को पथरी पावर हाउस के पास गंगा से यशपाल का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मेला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। इधर, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। परिजनों के आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छात्र की खुदकुशी पर आयुर्वेदिक कॉलेज में जड़े ताले
साथी छात्र की आत्महत्या से छात्र-छात्राएं गम और गुस्से से भर गए। उन्होंने परीक्षा और परिणाम में कथित गड़बड़ी को इसका कारण बताकर ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज में ताले जड़ दिए। उन्होंने शनिवार को परिसर निदेशक को भी घेरा। प्रदर्शनकारियों ने निदेशक डॉ. अनूप गक्खड़ का घेराव करते हुए निष्पक्ष जांच के साथ जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई। इस हंगामे के कारण ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित रहीं। तालाबंदी के चलते बड़ी संख्या में मरीज बिना उपचार कराए लौटने को मजबूर हुए। छात्रों ने चेताया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभालते हुए शांति बनाए रखने की अपील की। कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर दुख जताते हुए जांच के साथ ही छात्रों से संवाद करने का आश्वासन दिया। साथी बोले-‘बैक’ आने से तनाव में था यशपाल सहपाठी की मौत से आहत कई छात्र-छात्राओं की आंखें नम दिखीं। उनके अनुसार, यशपाल की एक विषय में ‘बैक’ आई थी। वह परीक्षा परिणाम में हो रही देरी से भी तनाव में था। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुर्वेदिक विवि में विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन और परिणाम घोषित होने में अक्सर देरी होती है, जिससे छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बनता है। सर! कोई और ऐसा कदम न उठाए, जल्द हल निकालें गम और गुस्से के बीच छात्र-छात्राओं ने परिसर निदेशक का घेराव किया। वे एक ही बात दोहरा रहे थे कि विवि प्रशासन विभिन्न परीक्षाओं को समयसीमा के भीतर कराए और समय पर परिणाम जारी करे। इस बीच, एक छात्रा ने परिसर निदेशक को हाथ जोड़ते हुए कहा सर! इस समस्या का हल निकालें, ताकि भविष्य में कोई और छात्र इस प्रकार का कदम न उठाए।

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