सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेश की सहकारी समितियों में जल्द खोले जाएंगे सीएससी सेंटर और जन औषधि केंद्र
हल्द्वानी। मंगलवार को उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक सभागार में चिकित्सा, स्वास्थ्य, सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंकों के महाप्रबन्धक, एआर एवं बैंक अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कोआपरेटिव सिस्टम को किसानों एवं आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए हमें योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा, तभी हम राज्य सहकारी बैंक की योजनाओं को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय हमें दोगुनी करनी है, इसके लिए कोआपरेटिव एक प्रमुख माध्यम है।
मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि कोआपरेटिव बैंकों के माध्यम से प्रदेश में 7.5 लाख किसानों को शून्य प्रतिशत पर लोन दिया गया, जिससे किसान अपनी आय के संसाधनों के साथ ही काश्तकारी में अच्छी पैदावार कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश सरकार प्रत्येक ब्लाॅक में एफपीओ खोलने जा रही है, जिससे उस क्षेत्र में होने वाली सभी वस्तुओं को बाजार मिल सके। इसके लिए प्रधानमंत्री का सपना लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देना मुख्य उददेश्य है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में महिलाएं जो पशुपालन से जुड़ी है, उन्हें कोआपरेटिव के द्वारा ऋण प्रदान कर महिलाएं अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं।
बैठक में डाॅ सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी अधिकारी राज्य सहकारी बैंकोें को नैटबैकिंग एवं मोबाइल बैंक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा आज दुनियां डिजिटल युग में कार्य कर रही है इसलिए राज्य सहकारी बैंकों को डिजिटाइजेशन करना अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें ताकि आम जनता इससे लाभान्वित हो सके। उन्होंने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों में बैंकों की शाखायें खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा सभी समितियों मे सीएससी सेन्टर के साथ ही जनऔषधि केन्द्र खोलने के निर्देश दिये ताकि दूरदराज पर्वतीय क्षेत्र के लोगों तक सभी सुविधाएं कोआपरेटिव द्वारा पहुच सकें। इसके लिए हमें यु़द्व स्तर पर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कुमाऊं में छः जनपदों में कोआपरेटिव विलेज बनाया जाएगा, जिससे आम जनमानस को सभी सुविधायें मिल सकेेगी।
उन्होंने राज्य सहकारी बैंक का एनपीए 5 प्रतिशत से कम होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रगतिशील किसान को देश व विदेश यात्रा पर कोआपरेटिव के द्वारा भ्रमण पर भेजा जायेगा। जिससे वह किसानों के द्वारा खेती करने की तकनीक को यहां अपनाकर किसानों की पैदावार मे बढोत्तरी होगी तथा किसानों की आर्थिकी भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा प्रदेश में मुख्यमंत्री घस्यारी योजना मार्च में मुख्यमंत्री द्वारा लांच की जायेगी। उन्होंने कहा उत्तराखंड में घस्यारी योजना का लाभ पर्वतीय क्षेत्रों में दिया जा रहा है। कुमाऊं मंडल में 72 सेंटर संचालित हैं जिससे पशुपालकों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोआपरेटिव के सभी कार्य ऑनलाइन होंगे जिसमें समितियों द्वारा किये गये कार्य, अधिकारियों, कर्मचारियों की पोस्टिंग आदि सम्मलित हैं।
बैठक में जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, प्रकाश हरर्बोला, ध्रुव रौतेला के साथ ही रजिस्ट्रार कोआपरेटिव आलोक कुमार पाण्डे एवं सभी उत्तराखंड सहकारी बैंकों के सभी महाप्रबन्धक, एआर एवं बैंक अधिकारी उपस्थित थे।
