उत्तराखंड

सड़क बनी पर पुल नहीं बन सका, लोगों को करना पड़ रहा है 10 किमी का पैदल सफर

 

उत्तरकाशी। लंबे इंतजार के बाद भटवाड़ी विकासखंड के दूरस्थ पिलंग गांव तक सड़क तो बन गई है, लेकिन इसके बावजूद भी ग्रामीणों को करीब दस किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं, बीमार और घायलों को होती है। उन्हें मुख्य सड़क तक लाने में ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं। इस दौरान घायल या बीमार की जान सांसत में बनी रहती है। सड़क कटिंग के बाद भी ग्रामीणों का संघर्ष सालों से जारी है। जिसका समाधान अब तक नहीं मिल सका है।
दरअसल, पिलंग गांव को जोड़ने वाला पुल अभी तक बनकर तैयार नहीं हो पाया है। जिसके चलते सड़क बनने के बावजूद भी ग्रामीण अभी भी पैदल ही आवाजाही करने को मजबूर हैं। पिलंग गांव के पूर्व प्रधान अतर राणा ने बताया कि ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद साल 2021 में पिलंग गांव को सड़क से जोड़ने की मंजूरी दी गई थी। जिसके तहत करीब 7।5 किलोमीटर की सड़क की कटिंग तो पूरी कर दी गई, लेकिन सड़क को पक्के मार्ग से जोड़ने वाला एप्रोच पुल तीन साल से भी ज्यादा समय में तैयार नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि पुल का निर्माण मार्च 2022 में शुरू हो गया था। जिसे कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल को तय समय में पूरा करना था। करीब 312।74 लाख रुपए की लागत से बन रहे पुल को 10 अगस्त 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन चार साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। करीब 48 मीटर स्पान का यह मोटर पुल ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। अगर पुल तैयार हो जाता तो ग्रामीणों को पैदल नहीं चलना पड़ता। पैदल चल कर ग्रामीणों के पैरों में छाले पड़ जाते हैं, लेकिन अभी तक उनकी पीड़ा दूर नहीं हो पाई है।
अतर राणा ने कहा कि पिलंग गांव में ग्रामीणों की आबादी 400 से ज्यादा है। सड़क के अभाव में रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें करीब 10 किलोमीटर पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क की कटिंग पूरी होने के बावजूद पुल न बनने से उनकी समस्या जस की तस है। जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क मार्ग से न जुड़ने के कारण न उन्हें कोई सामान पहुंचाने में दोगुनी रकम खर्च करनी पड़ती है। उन्हें घोड़े-खच्चरों से सामान पहुंचाना पड़ा है। जो काफी महंगा पड़ जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *