सड़क की खस्ता हालत के खिलाफ ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, पीएमजेएसवाई कार्यालय पर जड़ा ताला

 

उत्तरकाशी। अस्सी गंगा घाटी संघर्ष समिति के ग्रामीणों का सब्र का बांध टूटने लगा है। गुस्साए ग्रामीणों ने क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क की खस्ता हालत को लेकर  पीएमजेएसवाई कार्यालय में ताला जड़ दिया और जमकर प्रदर्शन किया।
तय कार्यक्रम के अनुसार, अस्सी गंगा घाटी संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने ढोल -बाजों के साथ प्रधानमंत्री सड़क योजना कार्यालय उत्तरकाशी पहुंचकर विभाग और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। नाराज ग्रामीणों ने पीएमजेएसवाई अधिशासी अभियंता उत्तरकाशी के कार्यालय में ताला जड़ दिया और बाहर धरने पर बैठ गये। बाद में अधिशासी अभियंता सीपी भट्ट ने  ग्रामीणों के सामने स्वीकार किया कि अस्सी गंगा क्षेत्र की 16 किलोमीटर की  सड़क का डामरीकरण वास्तव में लंबे समय से नहीं हुआ है।  उन्होंने कहा है कि वह अगस्त महीने में इस डिवीजन में आए हैं। उन्होंने ठेकेदार के विरुद्ध 6 सितम्बर 2022 को अधीक्षण अभियंता को निरस्तीकरण के लिए  प्रस्ताव भेज दिया था। उसके बाद मुख्य अभियंता ने उक्त मामले में बैठक की थी । उन्होंने बताया कि  ठंड के सीजन में डामरीकरण का कार्य संभव नहीं है।  15 फरवरी के बाद डामरीकरण का कार्य शुरू किया जायेगा । उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि ठेकेदार के विरुद्ध  ठोस कार्रवाई की जाएगी। बाद में ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां जमकर नारेबाजी करने के बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अस्सी गंगा घाटी के गंगोरी -डोडिताल मोटर मार्ग का डामरीकरण व अन्य सुधारीकरण किया जाए, गंगोरी-नाल्ड मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं अन्य सुधारीकरण,गंगोरी -उत्तरी मोटर मार्ग का डामरीकरण व सुधारीकरण एवं उत्तरों से डिगीला पुल तक गंगोरी- डोडितात मोटर मार्ग से जोड़ा जाए। वहीं गंगोरी -उत्तरों, गंगोरी नाल्ड एवं गंगोरी डोडिताल मोटर मार्ग को आरटीओ से पास करने की मांग की गई।
इधर अस्सी गंगा घाटी के उक्त मोटर मार्गों को सुधारीकरण के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कई बार लिखित एवं मौखिक रूप शासन प्रशासन को अवगत कराया परन्तु कई वर्ष बीत जाने के बावजूद उक्त मोटर मार्ग पर कोई सुधार नहीं किया गया जिसके लिए जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों  ने 15 दिन पूर्व प्रशासन को धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह रावत, श्रीमती पवित्रा राणा, सुनील राणा, आशा राणा, ढाशला प्रधान, अगोड़ा प्रधान मुकेश पंवार, भंकोली सौरभ राणा, नौगांव नीलम, गजोली सुरेश, उत्तरौं धर्मवीर, शिवराम सिंह पंवार, अनोज क्षेत्र पंचायत अगोड़ा, राकेश क्षेत्र पंचायत नौगांव, भरत देई सहित सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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