लोगों को बताए जा रहे हैं वन्यजीवों से सुरक्षा के उपाय, भालू जागरूकता सप्ताह का आयोजन
रुद्रप्रयाग। जनपद के अनेक क्षेत्रों में भालू के हमले की घटनाओ में बढोतरी होने को देखते हुए वन विभाग अनेक ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में भालू-जागरूकता सप्ताह आयोजित कर रहा है। इसमें विभाग विभिन्न रेंजों में भालू संवेदनशील ग्राम व शहरी क्षेत्रों में जाकर आम जनमानस को भालू से बचाव संबंधी गोष्ठियां एवं जागरूकता कर लोगों को सर्तक कर रहा है। रुद्रप्रयाग डिविजन के प्रभागीय वनाधिकारी व उप वन संरक्षक रजत सुमन ने बताया कि जन जागरूकता कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, विद्यालयी छात्र-छात्राओं को वन्यजीवों से सुरक्षा के उपाय बताए जा रहे हैं साथ ही ड्रोन एवं कैमरा ट्रेपिंग द्वारा भालू के आवागमन मार्ग का चिन्हीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा वन्य जीवों से बचाव को रोकने एवं मानव-भालू संघर्ष के न्यूनीकरण के लिए घरों के आस-पास झाडियों की नियमित सफाई करना, बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोडने, उनकी सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देने, वनों से जुड़े क्षेत्र मे जाते समय मजबूत छडी या डंडा हमेशा अपने साथ रखने, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में वनों से लगे क्षेत्रों मे न जाने, वनों से जुडे क्षेत्रों मे समूह मे ही यात्रा करने, गांव व बस्ती के पास भालू, गुलदार या अन्य वन्यजीव दिखने पर शीघ्र वन विभाग को सूचित करने्र पालतू मवेशी के लिए पक्की गौशाला का निर्माण करने, भालू व अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाने, उन्हें पत्थर या डंडे से न मारने, जंगली जानवरों के बारे में गलत जानकारी, अफवाह या डर का माहौल न बनाने के साथ ही खाने का अपशिष्ट/कचरा खुले में न डालने की जानकादी दी। कहा कि इस तरह खाना फेंकने से वन्यजीव इस ओर आते हैं जिससे खतरा बना रहता है। रुद्रप्रयाग डिविजन के प्रभागीय वनाधिकारी व उप वन संरक्षक रजत सुमन ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन से बीते तीन-चार दिनों में भालू की घटनाओं में कमी भी देखी गई है। उन्होंने बताया कि भालू-जागरूकता सप्ताह का अयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है।
