राजनीति

महिला कांग्रेस का अंकिता भंडारी हत्याकांड पर नए खुलासों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

 

देहरादून।  चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सामने आए नए खुलासों के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी का जाने और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ के वनन्तरा रिसॉर्ट पर बुलडोजर कार्रवाई यमकेश्वर की विधायक के इशारे पर किए जाने के आरोपों के बाद प्रदेश महिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने देहरादून में भाजपा सरकार का पुतला दहन किया।
इस दौरान ज्योति रौतेला ने कहा कि भाजपा विधायक की पत्नी और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा का राज्य नेतृत्व ही नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व भी संदेह के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा के पदाधिकारी और नेता जनहित के कार्यों की बजाय गंभीर आपराधिक मामलों में लिप्त हैं और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम का खुलासा करने में जहां राज्य की पुलिस पूरी तरह नाकाम रही, वहीं पुलिस ने मामले को उलझाने के लिए ‘वीआईपी रूम’ जैसे शब्दों का सहारा लिया। अब भाजपा विधायक की पत्नी उर्मिला सनावर और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ के बयानों से यह साबित होता है कि राज्य की पुलिस अपराधियों को खुला संरक्षण दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस महानिदेशक को प्रदेश की जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि अंकिता भंडारी की व्हाट्सएप चौट में गेस्ट हाउस में आने वाले वीआईपी को अतिरिक्त सुविधाएं देने की बात थी या किसी विशेष कमरे की। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि भाजपा विधायक की पत्नी द्वारा बताए गए ‘गट्टू’ नामक भाजपा नेता के पीछे असली चेहरा कौन है।
ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार और पुलिस के संरक्षण में भाजपा नेता के रिसॉर्ट पर आनन-फानन में बुलडोजर चलवाकर अहम सबूत मिटा दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस के ट्विटर हैंडल से की गई स्वीकारोक्ति को बाद में क्यों हटाया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि तत्कालीन पुलिस महानिदेशक और अंकिता भंडारी के पिता के बीच हुई फोन बातचीत को जानबूझकर सोशल मीडिया पर क्यों वायरल किया गया और इससे निजता के अधिकार का उल्लंघन क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक को इन सभी सवालों के जवाब प्रदेश की जनता को देने चाहिए।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि पुलिस ने भाजपा सरकार के दबाव में रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने जैसी तत्परता दोषियों को पकड़ने में दिखाई होती, तो पीड़िता के माता-पिता को न्याय के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू के रूप में जिस तरह वीवीआईपी का नाम सामने आया है, उसने इस हत्याकांड से जुड़े सैकड़ों सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक अब तक नहीं दे पाए हैं।
ज्योति रौतेला ने कहा कि पुलिस महानिदेशक को भाजपा प्रवक्ता की तरह नहीं, बल्कि संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी के रूप में जवाब देना चाहिए और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जनता के सेवक और संरक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, न कि अपराधियों के संरक्षक के रूप में।
पुतला दहन कार्यक्रम में प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंडियाल थापा, महामंत्री पुष्पा पंवार, निधि नेगी, सुशीला शर्मा, देवेंद्र कौर, दीपा चौहान, अनुराधा तिवाड़ी, भावना, नीरू सिंह, जिला उपाध्यक्ष पूनम सिंह, अनिता सकलानी, रुचि रौतेला, पिंकी गुसाईं, अनीता, जस्सी, संतोष सहित अनेक महिला कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहीं।

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