पूछड़ी क्षेत्र में पुनर्वास की मांग हुई तेज, संघर्ष समिति ने विधायक-एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
नैनीताल। जिले के रामनगर के ग्राम पूछड़ी क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के बाद बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार को मालिकाना हक संघर्ष समिति के अध्यक्ष एस लाल, ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी और ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों के साथ कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लोग तहसील परिसर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट और एसडीएम प्रमोद कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने के बाद सभी लोगों ने तहसील परिसर में सांकेतिक धरना भी दिया और प्रदेश सरकार, प्रशासन एवं वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ग्राम पूछड़ी में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद प्रशासन को बेघर हुए परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी। लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी इन परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए, वे आज भी खुले आसमान के नीचे कड़ाके की ठंड में रहने को मजबूर हैं। न तो इनके खाने की व्यवस्था की गई है और न ही किसी प्रकार का आश्रय उपलब्ध कराया गया है। समिति ने मांग की कि सरकार और वन विभाग मानवीय आधार पर आगे आएं और इन पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल अस्थायी रहने और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि यदि 20 दिसंबर तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो 21 दिसंबर से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन में पीड़ित परिवारों के साथ पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन भी शामिल होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि मजबूरी बनी तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय की शरण भी लेंगे। उधर, रामनगर तराई पश्चिमी के वन आरक्षित क्षेत्र में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान का असर अब उन मासूम बच्चों तक पहुंच गया है, जो हर शाम शिक्षा की उम्मीद लेकर श्सावित्रीबाईदृज्योतिबा फुले सायंकालीन विद्यालयश् में पढ़ने आते थे। बीते दिनों वन विभाग और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान स्कूल की छोटी झोपड़ी भी तारबाड़ के दायरे में आ गई, जिससे इस स्कूल के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है।
