दून की आबोहवा हुई जहरीली बडी दिवाली पर और वायु प्रदूषण बढ़ने की उम्मीद
देहरादून। दिपावली पर आतिशबाजी के चलते बायु प्रदुषण तेजी से बढ़ रहा है।वर्तमान स्थिति को देखते हुए सांस और फेफड़ों के मरीजों के लिए हालात खतरनाक हो सकते हैं। सर्द मौसम में हवा की गति धीमी पड़ने और पटाखों के धुएं के कारण वायुमंडल में धूल और धुएं के कण ठहर जाते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता और गिर जाती है। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के 13 शहरों में वायु गुणवत्ता की 24 घंटे निगरानी शुरू की है। यह थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग 13 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक की जा रही है।
राज्य में हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने धुंध और धूल के दृष्टिगत कई जगहों पर ड्रोन से पानी के छिड़काव का काम शुरू कर दिया है। प्रदेश के तीन शहरों में 17 स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से पानी का छिड़काव किया गया।
देहरादून में जहां पांच दिनों में एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में था, वहां मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है। काशीपुर में 17 अक्तूबर को एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में था, जो 18 को मध्यम श्रेणी में पहुंचा है। हरिद्वार, ऋषिकेश, रुद्रपुर में भी बदलाव दिखाई दिया है। वहीं पीसीबी ने रविवार से देहरादून में घंटाघर समेत नौ जगहों पर तीन ड्रोनों से और ऋषिकेश, काशीपुर में एक-एक ड्रोन के जरिये पानी का छिड़काव किया गया।जबकि पिछले साल ड्रोन के माध्यम से केवल देहरादून में इस तरह का प्रयास किया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि नौ ड्रोनों के माध्यम से 17 स्थानों पर पानी का छिड़काव किया गया है। यह कार्य आगे भी जारी रहेगा।
