कोर्ट में पांच साल चले केस में सिद्ध हुआ दोष, चरस तस्करी के दो अभियुक्तों को 9 साल की सजा
चंपावत। जिले में चरस तस्करी के मामले में न्यायालय का कड़ा फैसला आया है। वर्ष 2021 में खेतीखान इलाके में चरस तस्करी में पकड़े गए दो अभियुक्तों के लगभग पांच वर्ष न्यायालय में चले मामले में न्यायाधीश ने कड़ा फैसला सुनाया है। उक्त मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) अनुज कुमार संगल की अदालत ने चरस तस्करी के एक महत्वपूर्ण मामले में दो आरोपितों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 9 वर्ष का कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान का गहन परीक्षण करने के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोष सिद्ध पाया।
चंपावत जनपद में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) अनुज कुमार संगल की अदालत ने चरस तस्करी के एक महत्वपूर्ण मामले में दो आरोपितों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 9 वर्ष का कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
यह मामला फरवरी 2021 का है, जब पुलिस टीम खेतीखान मुख्य बाजार से होते हुए नलिया बैरियर के पास सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। धूनाघाट की दिशा से पैदल आ रहे विक्रम (43) और अर्जुन (38), निवासी ग्राम गोली, जिला चंपावत, पुलिस की नजर में आए। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी से रुकने का संकेत दिया, लेकिन दोनों वापस मुड़कर तेजी से जाने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें बैरियर से पहले ही पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान विक्रम के कब्जे से 930 ग्राम तथा अर्जुन के पास से 900 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी के करीब मानी गई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। इसके बाद दोनों के खिलाफ लोहाघाट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
करीब पांच वर्षों तक चले इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने जब्ती मेमो, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस गवाहों सहित ठोस साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष की दलीलों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान का गहन परीक्षण करने के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोष सिद्ध पाया।
अदालत के इस फैसले को सीमांत जनपद में नशे के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए नियमित चेकिंग और खुफिया निगरानी बढ़ाई गई है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में कानून सख्ती से लागू होगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

